बयाना के थाना सदर के गांव नया नगला में 2 हेक्टेयर भूमि पर राज्य वृक्ष खेजड़ी सहित 159 पेड़ काटने के मामले में मंगलवार को भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि वन विभाग की ओर से 12 लोगों के नाम से एफआईआर कराई गई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक एक भी गिरफ्तारी न कर भूमि वन विभाग की है या रेवन्यू बोर्ड की इस मामले में पुलिस उलझी पड़ी हुई है। ऐसे में जॉइन्ट सर्वे होने के बाद ही आगे की कार्रवाई का हवाला दिया जा रहा है। गांव वालों का साफ कहना है कि यह भूमि उनकी खेती की है न कि वन विभाग की, जो वन विभाग कार्रवाई करने की बात कह रहा है। एसीएफ भरतपुर सुरेश चौधरी को सौंपी जांच वन विभाग के बयाना रेंज में इतनी बड़ी संख्या में पेड़ कटने के मामले में सहायक वनपाल कुंवर सिंह व वनरक्षक नीरज कुमार अवैध कटाई रोकने में नाकाम होने व राजकार्य में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया था, जिन्हें निलंबित किया गया। रेंजर हरभान सिंह को भी कारण बताओ नोटिस दिया था, जिसकी जांच एसीएफ भरतपुर सुरेश चौधरी को सौंपी गई है। उन्हें एक हफ्ते में जांच पूरी करनी है। 12 नामजद आरोपी, फॉरेस्ट एक्ट में केस- पेड़ों की कटाई में गांव नया नगला निवासी कुंवर सिंह, बहादुर, लच्छी, समय सिंह, अतर सिंह, रामप्रसाद, रामराज, मलखान, भीम सिंह, हरि सिंह, तथा श्यामपुरा निवासी लाखन और खानखेड़ा निवासी जोगेंद्र सिंह को नामजद किया गया है। सदर थाना एसएचओ शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पेड़ काटने के मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।


