राज्य सभा:अगले साल प्रदेश की 3 सीटें होंगी खाली, भाजपा के दो, कांग्रेस का एक सदस्य फिर चुना जाना तय

अगले साल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा सहित राज्य सभा 75 सासंदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, इनमें राजस्थान से केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू,भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस नेता नीरज डांगी का नाम शामिल है। प्रदेश से राज्य सभा की दस सीटें हैं और इनमें अगले साल खाली हो रही तीन सीटों में दो भाजपा एवं एक कांग्रेस के पास है। अगले साल होने वाले चुनाव में भी यही स्थिति रहने वाली है। विधानसभा में पार्टियों के संख्याबल के हिसाब से भाजपा से दो और कांग्रेस से एक सदस्य का चुना जाना तय है। माना जा रहा है कि भाजपा एक सीट पर केंद्रीय मंत्री बिट्‌टू को फिर से राज्य सभा में भेज सकती है। वहीं,दूसरी सीट पर किसी नए चेहरे को भेजा जा सकता है। ऐसा ही कुछ कांग्रेस में संभव है। हालांकि,अगले साल 22 जून को खाली हो रही सीटों के लिए अप्रैल-मई में चुनाव हो सकते हैं। इसलिए, अभी कुछ भी कयास लगाना संभव नहीं है। दरअसल, राज्य सभा की 22 जून, 2020 को हुए तीन सीटों के चुनाव में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल एवं नीरज डांगी और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र गहलोत चुने गए थे। वेणुगोपाल के लोकसभा में चुनाव जीतने एवं उनके इस्तीफे से एक सीट खाली हो गई। इस रिक्त सीट पर 27 अगस्त, 2025 को हुए उपचुनाव में केंद्रीय मंत्री बिट्‌टू को राज्य सभा में भेजा गया। क्योंकि,दिसंबर, 2023 में राज्य में सरकार बदलने से विधायकों का संख्याबल भाजपा के पक्ष में आ गया था। इसलिए, बिट्‌टू को राजस्थान चुनाव लड़ाया पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह पोते बिट्‌टू ने लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। लोकसभा चुनाव में उन्हें भाजपा ले लुधियाना सीट से चुनाव लड़वाया, लेकिन वे हार गए थे। फिर भी केंद्र की मोदी सरकार में उन्हें मंत्री परिषद में शामिल किया गया था। मंत्री पद पर बने रहने के लिए उन्हें छह महीने में किसी न किसी सदन का सदस्य बनना जरूरी था। इसलिए, उन्हें राजस्थान से राज्यसभा में भेजा गया था। राज्य सभा में दो पार्टियों का हिस्सा बराबर रहेगा प्रदेश से राज्य सभा की दस सीटें हैं। वर्तमान में कांग्रेस एवं भाजपा के पांच-पांच सदस्य हैं। मौजूदा विधानसभा में भाजपा के 118 एवं कांग्रेस के 67 सदस्य हैं। आठ निर्दलीय,चार बीएपी, दो बसपा एवं एक आरएलडी से विधायक है। इस लिहाज से भाजपा के दो और कांग्रेस के एक सदस्य का चुना जाना तय है।

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