राज्य में पहली बार 69 महिला पुलिसकर्मियों को एक साथ थाने में मुंशी के पद पर पदस्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य में योग्य मानी गईं 69 महिला पुलिसकर्मियों को एक दिन के लिए प्री-इंडक्शन टेस्ट में शामिल कराया जाएगा। इसके लिए शनिवार को होटवार स्थित अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय में बुलाया गया है। सभी को वर्दी में हर हाल में सुबह 10 बजे अनुसंधान प्रशिक्षण केंद्र में पहुंचना है। डीआईजी कार्मिक की ओर से जमशेदपुर के एसएसपी समेत बोकारो, चाईबासा, चतरा, गढ़वा, गोड्डा, पलामू, रामगढ़ के एसपी के साथ ही जैप, आईआरबी और एसआईआरबी के विभिन्न बटालियन के कमांडेंट को महिला मुंशी के लिए चयनित महिला पुलिसकर्मियों की पूरी सूची भेजी है। साथ ही उन्हें शनिवार को प्री-इंडक्शन टेस्ट में शामिल कराने का निर्देश दिया है। प्रत्येक सोमवार को साप्ताहिक परेड का आयोजन आवश्यक : इधर, आईजी अभियान ने डीजीपी के निर्देश पर राज्य के सभी एसपी और विभिन्न वाहनियों के कमांडेंट को पत्र लिखकर साप्ताहिक परेड के आयोजन को आवश्यक बताया है। कहा है कि पुलिसकर्मियों में अनुशासन और उनकी शारीरिक दक्षता को बनाए रखने के लिए सभी जिला, इकाई, वाहिनी में साप्ताहिक परेड का आयोजन करना आवश्यक है। सभी प्रत्येक सोमवार को परेड का आयोजन कराना सुनिश्चित करेंगे। परेड से संबंधित कागजात भी तैयार करेंग। 1000 से ज्यादा महिला पुलिसकर्मियों ने आवेदन दिया डीजीपी अनुराग गुप्ता ने पिछले दिनों राज्य स्तरीय महिला पुलिस सम्मेलन का आयोजन किया था। इस दौरान ही थानों में महिला मुंशी को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी। इसके पीछे सोच यह थी कि महिला मुंशी रहने की स्थिति में महिलाएं अपनी बात या शिकायत सरल भाव से कर सकती हैं। डीजीपी अनुराग गुप्ता की पहल पर ही राज्य भर की महिला पुलिसकर्मियों से मुंशी बनने के लिए स्वेच्छा से आवेदन देने को कहा गया था। करीब एक हजार से ज्यादा महिला पुलिसकर्मियों ने आवेदन दिया था। पहले चरण में 69 को योग्य पाया गया है।


