रायसेन जिले के रातापानी टाइगर रिजर्व में हाल ही में कराई गई पक्षी गणना में 198 प्रजातियों के पक्षी दर्ज किए गए हैं। बाघ और तेंदुओं के लिए पहचाने जाने वाला यह रिजर्व अब पक्षियों की समृद्ध विविधता के कारण भी चर्चा में है। गणना के दौरान साइबेरियन सहित कई प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी सामने आई है, जिससे यह क्षेत्र बर्ड वॉचर्स के लिए नए आकर्षण के रूप में उभरा है। वन विभाग द्वारा 7 और 8 जनवरी को कराई गई इस गणना के नोडल अधिकारी एवं एसडीओ औबेदुल्लागंज निकुंज पांडे ने बताया कि दाहोद जलाशय में 119 प्रजातियों के पक्षी दर्ज किए गए। वहीं बरुसोत क्षेत्र के रातापानी डेम में 65 और झोलिया पुर तालाब में 14 प्रजातियों की पहचान की गई। पिछली गणना में 150 प्रजातियां दर्ज की थीं यह रातापानी टाइगर रिजर्व में दूसरी पक्षी गणना थी। इससे पहले जनवरी 2022 में हुई गणना में 150 प्रजातियां दर्ज की गई थीं। अधिकारियों के अनुसार, इस बार के आंकड़ों का अंतिम विश्लेषण अभी बाकी है, जिसके बाद प्रजातियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। गणना के दौरान टीमों ने दाहोद बांध जलाशय, बरुसोत के रातापानी डेम और झोलिया तालाब के दोनों किनारों तथा बैकवाटर क्षेत्र का गहन सर्वे किया। इसके अलावा आसपास के तालाबों, नदी किनारों, खेतों, बस्तियों और खुले इलाकों में भी पक्षियों की गणना की गई। इससे स्पष्ट हुआ कि रिजर्व का पारिस्थितिकी तंत्र जंगल तक सीमित नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों तक फैला हुआ है। दुर्लभ और प्रवासी प्रजातियां भी दिखीं पक्षी गणना में कई दुर्लभ और प्रवासी प्रजातियां दर्ज की गईं। इनमें रेड हेडेड, इजिप्शियन, वाइट रम्प्ड और इंडियन वल्चर जैसे दुर्लभ गिद्ध शामिल हैं। वहीं वेटलैंड क्षेत्रों में जैकाना, सैंडपाइपर, गल, टर्न, एग्रेट और कॉर्पोरेंट देखे गए। सर्दियों में साइबेरियन और अन्य प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी रही, जबकि स्थानीय क्षेत्रों में स्पैरो, सनबर्ड, प्रिनिया, स्टार्लिंग और रॉबिन जैसी प्रजातियां भी गणना में शामिल रहीं।


