रात ढाई बजे बकायादार का कनेक्शन काटने पहुंचे बिजलीकर्मी:दीवार फांदने की कोशिश, महिला ने बदमाश समझकर किया पथराव, पुलिस बोली- रात में क्यों गए

भिंड जिले की लहार अनुविभाग में बिजली विभाग के कर्मचारी बेलगाम होते नजर आ रहे हैं। वे नियमों को ताक पर रखकर मनमर्जी से कार्रवाई कर रहे हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला लहार क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 15, सिद्धेश्वरी मंदिर बिजली घर एरिया से सामने आया है, जहां गुरुवार रात करीब ढाई बजे बिजली कर्मचारी एक महिला के घर कनेक्शन काटने पहुंच गए। अचानक गेट खटखटाने से महिला डरी रात के सन्नाटे में अचानक गेट खटकाने से महिला घबरा गई। जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो कर्मचारी दीवार फांदकर छत पर चढ़ने का प्रयास करने लगे। बदमाशों का हमला समझकर महिला ने बचाव में ईंट-पत्थर फेंक दिए, जिससे सरकारी वाहन का कांच टूट गया। इसके बाद बिजली कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए। मामला कुछ इस प्रकार है कि बिजली घर एरिया, वार्ड क्रमांक 15 निवासी पूनम बघेल पत्नी धर्मसिंह पाल अपने घर में 16 वर्षीय बेटी और एक बेटे के साथ अकेली रहती हैं। उनके पति अहमदाबाद में निजी नौकरी करते हैं। 15 जनवरी की रात करीब ढाई बजे गली के बाहर एक वाहन आकर रुका। वाहन से चार-पांच युवक उतरे और सीधे पूनम बघेल के घर की कुंडी खटकाने लगे।तेज आवाज से महिला की नींद खुल गई, बच्चे भी जाग गए। महिला ने आवाज दी—कौन है? इस पर युवकों ने खुद को बिजली विभाग का बताते हुए दरवाजा खोलने को कहा। महिला ने छत से किया पथराव
महिला ने इतनी रात में दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया और कहा कि वह उन्हें नहीं जानती। इस पर कर्मचारियों ने कहा—सीढ़ी लाओ, छत पर चढ़ते हैं। यह सुनकर महिला और अधिक डर गई। आशंका में महिला छत पर चढ़ गई और बचाव में ईंट-पत्थर फेंकने लगी। छत से पथराव होता देख बिजली कर्मचारी जान बचाकर भाग खड़े हुए। इस दौरान कुछ ईंट-पत्थर सरकारी वाहन पर लगे, जिससे उसका कांच टूट गया। रात की घटना के बाद कर्मचारियों ने जेई नवीन शुक्ला के कहने पर मामले को दबा लिया और किसी को जानकारी नहीं दी। गुरुवार दोपहर जब वाहन सरकारी कार्यालय पहुंचा और टूटा कांच दिखाई दिया, तब कर्मचारियों से सवाल किए गए। इसके बाद रात की घटना सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही उप महाप्रबंधक लक्ष्मी सोनवानी भड़क गईं और महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। दोपहर में पुलिस थाने में शिकायत दी गई। जब मामला लहार थाना टीआई शिवसिंह यादव के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर रात ढाई बजे बकायादार के घर कौन जाता है? यह कैसी वसूली है कि आधी रात को कनेक्शन काटा जा रहा है? पुलिस के सवालों पर बिजली कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद शाम को पुलिस ने महिला को भी थाने बुलाया। महिला ने पुलिस को बताया कि वह घर में अकेली रहती है। रात में कुछ लोग नशे जैसी हालत में उसके घर की कुंडी खटका रहे थे और जबरन छत पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। डर के कारण उसने आत्मरक्षा में ईंट-पत्थर फेंके। महिला ने इस पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत भी पुलिस को दी है। कर्मचारियों को थमाया गया तुगलकी फरमान असल में यह पूरा मामला मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, लहार डिवीजन से जुड़ा है। उप महाप्रबंधक लक्ष्मी सोनवानी ने मार्च क्लोजिंग के नाम पर एई-जेई, लाइनमेन, कार्यालय और आउटसोर्स कर्मचारियों पर 24 घंटे में टारगेट पूरा करने का दबाव बना रखा है। इसके तहत रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक कनेक्शन काटने के आदेश दिए गए हैं। कर्मचारियों के अनुसार, रात की टीम का नेतृत्व जेई करते हैं और कई बार कर्मचारी नशे की हालत में ड्यूटी पर रहते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि आदेश न मानने पर कार्रवाई की धमकी दी जाती है, जिससे वे भयभीत हैं। इस मामले में जब जेई नवीन शुक्ला से दैनिक भास्कर ने चर्चा की तो उन्होंने टीम पर हमला होने की बात स्वीकारी। उनका कहना था कि टीम बकायादार के घर गई थी और थाने में आवेदन दिया गया है। जब उनसे बकाया राशि पूछी गई तो उन्होंने 30 हजार रुपये बताया, लेकिन बिल उपलब्ध नहीं करा सके। नशे के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज किया। भिंड जिले के महाप्रबंधक अमरेश शुक्ला ने बताया कि उप महाप्रबंधक का फोन उन्हें आया था। रात में टीम पर हमला हुआ और वाहन क्षतिग्रस्त हुआ है। आवेदन थाने में दिया गया है और पूरे मामले की जानकारी एसपी को देकर निष्पक्ष जांच का आग्रह किया गया है। वहीं लहार थाना टीआई शिवसिंह यादव का कहना है कि दोनों पक्षों से आवेदन मिले हैं। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीएम आगमन पर उप महाप्रबंधक को हटाने के लगे थे नारे यह वही उप महाप्रबंधक हैं, जिन्हें हटाने की मांग को लेकर हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव के लहार आगमन के दौरान लोगों ने नारेबाजी की थी। आरोप है कि लक्ष्य पूरा करने के लिए वे कर्मचारियों पर रात-दिन काम करने का दबाव बनाती हैं और विरोध करने पर कार्रवाई की धमकी देती हैं। इसको लेकर कर्मचारी और आमजन दोनों में आक्रोश है। विधायक अम्बरीश शर्मा और मुख्यमंत्री तक शिकायतें पहुंचाई जा चुकी हैं, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

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