भास्कर न्यूज | कोंडागांव बोरगांव स्थित राधा-गोविंद (इस्कॉन) मंदिर के सामने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण के प्रयास का मामला सामने आया है। मंदिर समिति और स्थानीय ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर को आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। आवेदन के अनुसार, शासकीय कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से लगे इस्कॉन मंदिर बोरगांव (खसरा नंबर 322) के ठीक सामने खसरा नंबर 329 की शासकीय भूमि स्थित है। यह भूमि वर्षों से सार्वजनिक उपयोग में रही है। यहां कस्तूरबा गांधी विद्यालय द्वारा छात्राओं के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। इसके अलावा मंदिर द्वारा धार्मिक-सांस्कृतिक अनुष्ठान, सामाजिक कार्यक्रम तथा ग्रामवासियों द्वारा पार्किंग एवं अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए भी इस भूमि का उपयोग किया जाता रहा है। मंदिर समिति का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इस सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि समय रहते इसे नहीं रोका गया तो विद्यालयीन गतिविधियों, धार्मिक आयोजनों और आम जनता के उपयोग में बाधा उत्पन्न होगी तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचेगा।समिति ने कलेक्टर से मांग की है कि संबंधित भूमि का राजस्व रिकॉर्ड जांच कर तत्काल अवैध निर्माण पर रोक लगाई जाए और शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन पूरे क्षेत्र की साझा सार्वजनिक संपत्ति है और इसे किसी भी निजी कब्जे से बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस संबंध में अनंत शेष दास (अध्यक्ष, इस्कॉन बोरगांव), राम रघुवीर दास (मंदिर प्रतिनिधि), वरुण मैती (स्थानीय जनप्रतिनिधि), विदुध साहा, माधव डे, आनंद/नोबिन बसक एवं जयदेव मंडल सहित क्षेत्रवासियों ने हस्ताक्षर कर ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन की प्रतिलिपि केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम एवं बोरगांव की सरपंच चंद्र कला सरकार को भी प्रेषित की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की अपेक्षा करते हुए कहा है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। फिलहाल क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है और लोगों की नजर कार्रवाई पर टिकी है।


