रामानुजनगर | नगर के एकमात्र निस्तारी रानी तालाब में होटल और बस्ती का गंदा पानी छोड़ने से तालाब का पानी दूषित हो रहा है। होटल का मलबा तालाब के ठीक ऊपर फेंका जा रहा है। इससे गंदा पानी सीपेज होकर तालाब में मिल रहा है। इससे तालाब में रहने वाले जीव-जंतु भी प्रभावित हो रहे हैं। सड़ांध से बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों में लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों के प्रति नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार करते समय अधिकारियों ने नाली निर्माण और गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की। यदि पहले से निकासी की योजना बनाई जाती तो यह स्थिति नहीं बनती। अब विभाग ने अचानक नाली का रुख तालाब की ओर मोड़ दिया है। इससे न सिर्फ तालाब का पानी खराब हो रहा है, बल्कि तालाब के किनारे स्थित प्राचीन शिव मंदिर और पास के बस स्टैंड पर भी असर पड़ रहा है। यहां रोज हजारों लोग आते-जाते हैं। जनता अब विरोध में उतर रही है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गंदे मलबे को रोका नहीं गया तो वे आंदोलन करेंगे और सड़क पर उतरेंगे।


