रामकृष्ण मिशन आश्रम के साथ हुई 2.53 करोड़ की ठगी के मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की भूमिका सवालों के घेरे में है। इस केस के प्रमुख आरोपियों में से एक, तुषार गोमे ने 10 जनवरी से 28 मार्च 2025 के बीच चेक से ढाई करोड़ रुपए निकाले। ये राशि अलग-अलग लोगों के खाते में ट्रांसफर हुई थी। इससे ये स्पष्ट है कि तुषार व उसके साथियों ने रामकृष्ण मिशन आश्रम के साथ हुई 2.53 करोड़ की ठगी के अलावा देशभर में अन्य जगह भी डिजीटल अरेस्ट की वारदात को अंजाम दिया और उससे प्राप्त राशि तुषार गोमे ने चेक के माध्यम से निकाली। हालांकि, क्राइम ब्रांच अभी तक उससे एक रुपया भी बरामद नहीं किया जा सका है। बता दें कि तुषार गोमे 19 अप्रैल 2025 से जेल में बंद है। इन कारणों से क्राइम ब्रांच की जांच पर उठे सवाल पूरा मामला एक नजर में … 11 अप्रैल 2024 को रामकृष्ण मिशन आश्रम के तत्कालीन सचिव स्वामी सुप्रदिप्तानंद के साथ 2,52,99,000 रुपए की डिजीटल ठगी हुई। डिजीटल अरेस्ट कर उनके साथ घटना को अंजाम दिया गया। इसकी रिपोर्ट क्राइम ब्रांच में 15 अप्रैल को दर्ज की गई। एटीएम से 30.49 लाख, चेक से 95.51 लाख निकाले क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में जो जवाब पेश किया, उसमें बेहद चौकाने वाली जानकारी सामने आई। इसमें खुलासा हुआ कि शुरुआत में ठगी की राशि 2.53 करोड़, को 10 बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। उसके बाद इसी राशि को 538 अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। इसके बाद एटीएम से 30.49 लाख (61 बैंक खातों से), 15 बैंक खातों से चेक के माध्यम से 95.51 लाख रुपए निकाले गए। इसके अलावा अन्य माध्यम से 42 बैंक खातों में 96.53 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। जवाब में ये भी बताया गया कि इस केस में कार्रवाई करते हुए कुल 178 बैंक खातों को होल्ड किया गया है। इसमें होल्ड की गई राशि 9.70 लाख रुपए है।


