कोटा| प्रयागराज महाकुंभ की शुरुआत सोमवार को पौष पूर्णिमा के स्नान से हुई। मंगलवार को मकर संक्रांति पर पहला शाही स्नान शुरू हुआ। साधु-संत के अखाड़े रात 3 बजे से ही शिविर से निकलकर संगम घाट पर शाही स्नान के लिए पहुंचे, स्नान शुरू किया। साधु-संतों के बाद संगम घाट पर दोपहर दो बजे से श्रद्धालुजनों का स्नान शुरू हुआ। हालांकि अन्य 45 घाट पर भक्तजनों के लिए स्नान सुबह से ही शुरू था। रामधाम के महंत महामंडलेश्वर अवधेश कुमाराचार्य ने बताया कि शाही स्नान को लेकर साधु-संतों के अखाड़े सुबह 3 बजे से ही संगम घाट के लिए रवाना हो गए। पहले नागा साधुओं को स्थान मिलता है। उनके पांडाल में 1000 भक्त ठहरे है। प्रतिदिन अन्न क्षेत्र में 5 हजार भक्तों की भोजन प्रसादी है।


