रामपुर में दलित बच्चे की आत्महत्या पर सीपीएम का रोष:नेताओं से दुर्व्यवहार की निंदा, 6 अक्टूबर को प्रदर्शन

भारत की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) की रामपुर लोकल एरिया कमेटी ने रोहड़ू उपमंडल के लिंबडा गांव में 12 साल के दलित बच्चे की आत्महत्या की घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने मृतक बच्चे के परिजनों से मिलने गए अपने नेताओं के साथ हुए दुर्व्यवहार पर भी रोष व्यक्त किया। पार्टी के पूर्व विधायक राकेश सिंघा और राज्य सचिव व शिमला के पूर्व मेयर संजय चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मृतक बच्चे के परिजनों से मिलने लिंबडा गांव पहुंचा था। इस दौरान, कुछ लोगों ने प्रतिनिधिमंडल के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनकी गाड़ी रोकी। सीपीएम ने इस घटना को “मनुवादी सोच” बताते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। छुआछूत की वजह से आत्महत्या सीपीएम ने आरोप लगाया कि जातिगत छुआछूत, मारपीट और गौशाला में बंद करने जैसे उत्पीड़न ने बच्चे को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। पार्टी ने इसे पूरे प्रदेश के लिए शर्मनाक बताया और सरकार से मांग की कि दोषियों को अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत तुरंत गिरफ्तार किया जाए। पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर 6 अक्टूबर को रामपुर में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। सीपीएम ने कुल्लू दशहरे के दौरान तहसीलदार के साथ देव अनुयायियों द्वारा की गई मारपीट की भी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सचिव देवकी नंद ने जोर देकर कहा कि दलित उत्पीड़न रोकना और सामाजिक न्याय की व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

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