भास्कर न्यूज | अमृतसर शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से शुरू होने वाले हैं और इसके साथ ही देशभर में प्रभु श्री राम की लीलाओं का मंचन करने वाली रामलीला कमेटियां अपनी तैयारियों में जुट गई हैं। इसी सिलसिले में सर्व समाज समरसता समिति पंजाब और भगवान वाल्मीकि श्री रामतीर्थ अखंड ज्योति यात्राएं शुरू की गई हैं। जिसमें पंजाब समेत, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में रामलीला का मंचन करने वाली कमेटियों के सदस्य पावन वाल्मीकि तीर्थ में अखंड ज्योति लेने पहुंचे। तीन दिवसीय इस समारोह के पहले दिन हिमाचल और दिल्ली की रामलीला और मंदिर कमेटियों के करीब 400 से ज्यादा पदाधिकारी अखंड ज्योति लेने तीर्थ पहुंचे। इस अवसर पर वाल्मीकि तीर्थ में एक धार्मिक समारोह भी आयोजित किया गया। इसमें विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक, संघ के उत्तर भारत अध्यक्ष प्रमोद, जालंधर से बाबा प्रगट नाथ और उज्जैन से बाबा उमेश नाथ जैसे प्रमुख लोग शामिल हुए। समारोह का शुभारंभ पवन द्रविड़ और हैप्पी भील ने भगवान वाल्मीकि जी का गुणगान कर किया। इसके बाद, रामलीला और मंदिर कमेटियों के पदाधिकारी भगवान वाल्मीकि मंदिर से अखंड ज्योति लेकर यात्रा के रूप में रवाना हुए। इस मौके पर पावन वाल्मीकि तीर्थ एक्शन कमेटी पंजाब के चेयरमैन कुमार दर्शन, पंजाब प्रधान शशि गिल, जालंधर से पुरुषोत्तम सोंधी, लुधियाना से राजकुमार अटवाल, संजीव कुमार सहप्रांत संयोजक सामाजिक समरसता, रोहित सहोता, राकेश कुमार रिंकू, ललित महाजन, हरदयाल सिंह, गुरपाल सिंह, सौरभ शर्मा, दीपक अमित, मोनू, भाजपा नेता डॉ. सुशील देवगन और बलविंदर कौर सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। रामलीला : 250 कमेटियां अखंड ज्योति लेने पहुंची भगवान श्रीवाल्मीकि रामतीर्थ सामाजिक समरसता के सहप्रांत संयोजक संजीव कुमार का कहना है कि राम लीला कमेटियां तीर्थ से लेकर जो अखंड ज्योति लेकर जा रही हैं वह मंचन के 10 दिन निरंतर जलती रहेंगी। वहीं जो रामलीला कमेटियां नहीं आ सकीं वह इसी जोत से ज्योति जला सकती हैं। प्रभु श्री राम जी के जन्म लेने से पहले ही सृष्टिकर्ता भगवान वाल्मीकि जी ने ब्रह्म जी के आदेशों पर राम जी के जीवन का सारा वृतांत पहले ही लिख दिया था। परंतु आज रामलीलाओं का मंचन करने वाले भगवान वाल्मीकि जी को भूल गए हैं। इसलिए सामाजिक समरसता और वाल्मीकि समाज ने मिलकर यह प्रयास किया है। संजीव ने कहा कि रामलीला करने वाले कलाकार मर्यादा रखकर प्रभु श्री रामजी के जीवन को दर्शाएं।


