राम रहीम बोला- T-20 मैंने शुरू किया:तब बड़े-बड़े प्लेयर कहते थे, ये कोई क्रिकेट है; लंबे सत्संग पर कहा- मेरा स्टेमिना कम हो गया

डेरा सच्चा सौदा, सिरसा के मुखी राम रहीम ने दावा किया कि T20 क्रिकेट मैचों की शुरुआत उसने की। राम रहीम ने कहा- टी–20 भी हमने ही 1990 में चलाया था। जलालआना साहब का स्टेडियम उससे पहले का बना है। तब बड़े-बड़े प्लेयर कहते थे कि यह कोई क्रिकेट है?। कोई खेलने नहीं आता था। आज पूरी दुनिया ने इसे अपना लिया। राम रहीम ने यह भी दावा किया कि सांप को पकड़ने वाला कैचर भी उसने बनाया। आज वह पूरे देश में फैल गया। डेरे के श्रद्धालुओं से ऑनलाइन सत्संग में डेरा सच्चा सौदा मुखी ने ये बातें कहीं।
राम रहीम ने ऑनलाइन सत्संग में यह भी कहा कि अब उसका स्टेमिना कम हो गया है। पहले 4-4 घंटे बोला करता था, अब शॉर्टकट कर लिया है। बता दें कि राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में साध्वियों के यौन शोषण और पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा है। फिलहाल वह 30 दिन की पैरोल पर सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में ठहरा है। जहां से रोजाना श्रद्धालुओं के साथ ऑनलाइन सत्संग कर रहा है। मुझे स्नेक कैचर का पेटेंट कराने को कहा, मैंने नहीं कराया
मुझे किसी ने कहा भी कि आपने इसका पेटेंट करा लेना था। मैंने कहा कि हमें कौन सा बिजनेस करना है। राम रहीम ने इसके पीछे की वजह बताई कि जब सिरसा में शाह मस्ताना जी धाम बन रहा था तो यहां से कोबरा निकल रहे थे। पहले सेवादार पकड़कर दूर जंगल में छोड़ देते थे। साल 1994 में हमने कैचर बनाया। हमें लगा कि सांप बच्चों को काट न जाए। कैचर दूर से ही उसे पकड़ लेता है और सांप को भी चोट नहीं पहुंचती। आजकल वह खूब चल रहा है। अच्छी बात है, संसार और समाज का भला हो रहा है। हम मिलेट्स खाते थे, पुर्तगालियों ने चूल्हे पर पकाना सिखाया
राम रहीम ने सत्संग में कहा कि आजकल मिलेट्स की खूब बात हो रही है। हम तो कच्चा दिन में और रात को धूप में जो पका, उसे खा लेते थे। चूल्हे पर पकाना हमें पुर्तगालियों ने सिखाया। हमारे यहां चूल्हा नहीं था, वही लेकर आए। मोटा अनाज यानी पुरातन विधि से जिसे बनाते थे, इसको शाम को कच्चा चबाओ। दांतों की भी एक्सरसाइज होगी और कब्ज भी नहीं होगी। इसमें बहुत फाइबर होता है। भारतीय गाजर-मूली, पत्ते खाते थे
राम रहीम ने कहा कि पहले भारतीय गाजर-मूली, साग, पत्ते खाते थे। आपको लगता है कि पत्तों से कुछ नहीं होगा तो हाथी से कुश्ती लड़कर देख लो। हाथी को उठाना तो दूर, उसकी सूंड तक नहीं हिला सकते। वह हाथी भी घास-पत्ते खाता है। पत्तों में आयरन होता है। विटामिन्स होते हैं। आजकल के फन्ने खां कह रहे हैं कि हम नया खाना खा रहे हैं। इसे हम बहुत पहले छोड़ चुके हैं। हमारे पूर्वज इसे ही खाते थे। अब मेरा स्टेमिना कम हो गया है
श्रद्धालुओं से राम रहीम ने कहा कि सत्संग तो 5-6 घंटे लंबा खींचा जा सकता है, मगर लगता है कि स्टेमिना कम हो गया है। अब सब शॉर्ट ही देखते हैं। पहले टेस्ट मैच था, अब टी-20 देख रहे हैं। कल हो सकता है टी-10 पर आ जाएं। कौन बैठकर टेस्ट मैच की टुक-टुक देखे। कई बार 4-4 घंटे बोला करता था। अब टाइम के हिसाब से शॉर्टकट कर लिया। थोड़े टाइम में ज्यादा बात बता दी। डिजिटल अरेस्ट पर बोला– थोड़ा दिल काला होता है
सत्संग में राम रहीम ने कहा कि आजकल डिजिटल डकैती आ गई है। बड़े–बड़े फन्ने खां फंसा लेते हैं। डिजिटल अरेस्ट-मतलब फोन में ही कैद कर लेते हैं। वह जैसा कहते हैं, वैसा कर लेते हैं। फोन नहीं काट पाते। बस फंस गए। अरे, फोन काट कर परे करो। उसकी रिकॉर्डिंग करो और पुलिस के सज्जन को जाकर दो। मगर, आपके खुद के पसीने छूट जाते हैं। कहीं न कहीं, थोड़ा दिल काला भी होता है। डरता वही है जाे गड़बड़ करता है। ——————- राम रहीम से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… राम रहीम बोला– लड़कियां बुरे कर्म की कसूरवार नहीं:आदमी महापाप करता है, वह उसका टाइम था डेरा सच्चा सौदा चीफ राम रहीम का कहना है कि लड़कियों के साथ जो बुरा कर्म करता है, यह जरूरी नहीं कि इसमें लड़कियों की गलती हो। आदमी महापाप करता है, जिसकी वजह से उन्हें ये भोगना पड़ता है। वह उसका टाइम था। राम रहीम ने ये बातें ऑनलाइन सत्संग के दौरान श्रद्धालु के एक सवाल के जवाब में कही। (पढ़ें पूरी खबर) राम रहीम बोला– विराट कोहली ने मुझसे गुरुमंत्र लिया:कई मुस्लिम पाकिस्तानी प्लेयर भी कलमा से जुड़े डेरा सच्चा सौदा चीफ राम रहीम ने दावा किया है कि भारतीय क्रिकेट विराट कोहली ने उससे गुरुमंत्र लिया है। राम रहीम ने डेरा सिरसा से ऑनलाइन सत्संग में कहा– ‘’विराट कोहली 2010 में यहां आए थे। उससे पहले 2007-08 में आए थे। फिर उन्होंने गुरुमंत्र भी लिया। ऐसे और भी क्रिकेट प्लेयर हैं।’’ (पढ़ें पूरी खबर)

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