छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में गर्मी बढ़ते ही अब लोग पचधारी डैम तक पहुंच रहे हैं। यहां छोटे बच्चों से लेकर युवा व महिलाएं भी डूबकी लगा रहे हैं। जबकि स्टाप डैम में नहाना प्रतिबंधित है और यहां सुरक्षा के कोई उपाए नहीं है। इसके बाद भी प्रशासन इस पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। पचधारी डैम में सबसे अधिक भीड़ रविवार को देखी जा रही है। आज भी कुछ इसी तरह का नजारा था। यहां सुबह से युवक, युवती, बच्चे महिलाएं सभी नहाने के लिए पहुंचने लगे थे। दोपहर तक डैम में अच्छी खासी भीड़ हो चुकी थी। हर कोई गर्मी से राहत पाने पानी का मजा ले रहा था। इस दौरान किसी को यह याद नहीं रहा कि यह प्रतिबंधित क्षेत्र है। जिला प्रशासन व नगर निगम द्वारा स्टाप डैम के पास प्रतिबंधित क्षेत्र का बोर्ड भी लगाया गया, लेकिन उसे नजर अंदाज करते हुए लोग यहां नहाने पहुंच रहे हैं और संबंधित अधिकारियों के द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गहराई की ओर लगा रहे छलांग
डैम के एक ओर गहराई है और युवक उस ओर पानी का आनंद उठाने के लिए छलांग लगा रहे हैं। ऐसे में कई बार यहां गहराई का अंदाजा नहीं हो पाता है और किसी न किसी प्रकार की घटनाएं घटित हो जाती है। कई बार शराब के नशे में भी युवक इस ओर पहुंचकर डूबकी लगा रहे हैं। हो चुकी है घटनाएं
पचधारी डैम में हर साल किसी न किसी तरह की घटनाएं देखने को मिलती है। जहां पिछले माह 25 मार्च को विनोबा नगर क्षेत्र में रहने वाली दो सगी बहनों की मौत पानी में डूबने से मौत हो गई थी। वहीं 16 मार्च को पचधारी डैम नहाने गए युवक के साथ चाकूबाजी की घटना हुई। करीब दो साल पहले भी संजय नगर क्षेत्र का एक बालक अपने दोस्तों के साथ पिकनिक गया था, जिसका डैम में डूबने से मौत हो गई थी। इस तरह लगातर हर साल घटनाएं घटित हो रही है।
SDM बोले- कार्रवाई की जाएगी
इस संबंध में SDM प्रवीण तिवारी ने बताया कि जब पचधारी डैम में स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र का बोर्ड लगा हुआ है, तो लोगों को समझने की भी जरूरत है। डैम में नहाने पर प्रतिबंध है और अगर कोई ऐसा करते पाया जाता है, तो कार्रवाई की जाएगी। यहा शराब का सेवन करने वालों पर भी कोतवाली पुलिस को कार्रवाई करने कहा गया है।


