छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। शुक्रवार रात सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद कलेक्टर समेत प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। रात में ही यहां की 5 हजार मुर्गियों, 12 हजार चूजों और 17 हजार अंडों को नष्ट किया गया है। जानकारी के मुताबिक शासकीय कुक्कुट पालन क्षेत्र से पक्षी शव का नमूना भेजा गया था। जिसकी जांच के बाद राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल द्वारा रायगढ़ से भेजे गए कुक्कुट पक्षी शव के नमूनों में बर्ड फ्लू के संक्रमण की पुष्टि की गई। इसके बाद कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने रात 11 बजे आपातकालीन बैठक बुलाई। रात 11 से साढ़े 12 बजे तक एसपी, सीईओ, नगर निगम आयुक्त समेत पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग की। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पोल्ट्री फार्म की सारी मुर्गियों, चूजों, अंडों और कुक्कुट आहार को तत्काल नष्ट करने का फैसला लिया गया। पोल्ट्री फॉर्म में मुर्गियों को मारकर जमीन में दफनाया गया पोल्ट्री फॉर्म की मुर्गियों, चूजों और अंडों को नष्ट करने की तैयारी की गई। इसके लिए मुर्गियों और चूजों को मारकर जमीन में दफनाया गया। पोल्ट्री फार्म परिसर में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जेसीबी से गड्ढा खोदकर उसमें नमक और चुने की लेयर बिछाकर मुर्गियों और चूजों को दफनाया गया। इसके अलावा ऊपर से फिर नमक और चुने की लेयर डाली गई। इसी प्रकार अंडों को भी नष्ट किया गया। जिससे संक्रमण न फैले। साथ ही परिसर को संक्रमण मुक्त करने डिसइन्फेक्शन किया जा रहा है। यह प्रक्रिया रात में की गई। ताकि सुबह होने से पहले स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और संक्रमण उस क्षेत्र से बाहर न फैले। 10 किलोमीटर का दायरा सर्विलांस जोन घोषित भारत सरकार के प्रोटोकॉल के अनुसार बर्ड फ्लू की स्थिति में 10 किमी इन्फेक्टेड जोन में कुक्कुट, अंडे और कुक्कुट आहार से संबंधित आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। इसके अलावा सर्विलांस जोन में पोल्ट्री और अंडों की दुकानों को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। 2 दिन पहले भेजे थे सैंपल इस संबंध में सरकारी पोल्ट्री फार्म के प्रभारी डॉ डीआर प्रधान ने बताया कि मुर्गियों की मौत ज्यादा हो रही थी। ऐसे में सैंपल दो दिन पहले भोपाल भेजा गया था। जहां बर्ड फ्लू की पुष्टि की गई। इसके बाद अधिकारियों को जानकारी दी गई। सुरक्षा के उपाय किए जा रहे हैं। ………………………………… छत्तीसगढ़ की ये खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ में HMPV का पहला केस: तीन साल के बच्चे की हालत गंभीर, बिलासपुर में सुधार नहीं होने पर रायपुर AIIMS लाने की तैयारी छत्तीसगढ़ में HMPV (ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस) का पहला केस सामने आया है। कोरबा के 3 साल के बच्चे की बच्चे को हालत गंभीर है। उसे बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पढ़ें पूरी खबर


