छत्तीसगढ़ के रायगढ़ निगम में लोगों के आवेदनों को लेकर आयुक्त ने समय सीमा की बैठक ली। जिसमें आवेदनों के निराकरण में देरी को लेकर आयुक्त ने कार्रवाई करते हुए स्थापना प्रभारी समेत दो कॉलोनाइजर और 5 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निगम कमिश्नर ब्रजेश सिंह क्षत्रिय ने समय सीमा के आवेदनों की समीक्षा की। बैठक में सबसे पहले मुख्यमंत्री, कलेक्टर जनदर्शन के आवेदनों पर निराकरण की स्थिति पर चर्चा की गई। इस दौरान निगम कर्मचारियों को आवेदनों का समय सीमा के भीतर निराकरण करने और संबंधित आवेदनकर्ताओं को सूचना देने की बात कही। साथ ही ऑनलाइन पोर्टल में निराकरण की जानकारी अपडेट करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह लोक शिकायत पोर्टल पर आए आवेदनों पर चर्चा की गई। इसमें चार आवेदन प्राप्त हुए थे, जिस पर जल्द निराकरण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने संबंधित विभाग प्रमुख अधिकारियों को निर्देशित किया गया। 89 आवेदनों के निराकरण की जानकारी ली गई इसके बाद निगम कार्यालय में आए आवेदनों पर चर्चा की गई। चर्चा के दौरान निगम के आवक जावक में प्राप्त हुए 89 आवेदनों पर निराकरण की स्थिति की जानकारी कमिश्नर ने ली। इस दौरान फ्रेंड्स कॉलोनी में नाला निर्माण से संबंधित शिकायत और गोवर्धनपुर ऐश्वर्यम अपार्टमेंट में मूलभूत सुविधाओं के विकास संबंधित आवेदन पर दोनों कॉलोनाइजर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने नाराजगी जाहिर की इसी तरह एक कर्मचारी के प्रकरण को समय सीमा के भीतर निराकरण नहीं करने पर कमिश्नर ब्रजेश सिंह क्षत्रिय ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए स्थापना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान राशन कार्ड बनाने संबंधित आवेदनों में देरी करने, एसएलआरएम सेंटर में वेट मशीन खरीदने और एक अन्य शिकायत संबंधित आवेदन पर संबंधित विभागों के 5 कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश संबंधित विभाग प्रमुख अधिकारियों को दिए गए। 1 घंटे में वेट मशीन पहुंचा एसएलआरएम सेंटर बैठक के दौरान स्वच्छ भारत मिशन प्रेरक को तत्काल जाकर वेट मशीन की खरीददारी कर एसएलआरएम सेंटर को सौंपने और उसकी फोटो समेत सूचना देने के लिए कमिश्नर ने कहा। जिसके बाद 1 घंटे के अंदर ही वेट मशीन की खरीददारी कर संबंधित एसएलआरएम सेंटर में पहुंचाया गया।


