छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में रविवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत से मनाया जा रहा है। शहर के मुस्लिम मोहल्लों से ताजीया निकलकर चांदनी चौक पहुंच रही थी। जहां फतेहा पढ़ी गई और युवाओं ने हैरतअंगेज अखाड़ेबाजी का प्रदर्शन किया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम पर्व को लेकर पिछले 9 दिनों से तकरीरों का आयोजन हो रहा था। मुस्लिम मोहल्लों में लोग तकरीर में पहुंच रहे थे। वहीं आज मोहर्रम के दसवीं तारीख की शाम के बाद शहर में ताजीया निकाला गया। तजीया मौदहापारा, बीड़पारा, जूटमिल, इंदिरा नगर, मधुबनपारा समेत अन्य मुस्लिम मोहल्लों से निकलकर धीरे-धीरे चांदनी चौक पर इक्ट्ठा हो रही थी। जहां से देर रात ताजीया को करबला तालाब विसर्जन के लिए ले जाया जाएगा। अखाड़ेबाजी में तलवार पर प्रतिबंध
मोहर्रम पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा शांति समिति की बैठक ली गई। इस दौरान अखाड़ेबाजी में तलवार को प्रतिबंध किया गया था। ऐसे में युवाओं के द्वारा लाठी व अन्य तरीके से हैरतअंगेज अखाड़ेबाजी का प्रदर्शन किया। जिसे देखने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंच रहे थे।
150 से अधिक जवान तैनात
शहर के सभी ताजीया चांदनी चौक पहुंचते हैं। ऐसे में यहां लोगों की काफी संख्या में भीड़ भी होती है। जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा चुस्त दुरूस्थ व्यवस्था की गई थी। जहां मोहर्रम पर्व में 150 से अधिक जवानों की तैनाती की गई थी, तो 4 पेट्रोलिंग वाहन भी शहर में गश्त कर रहे थे।


