छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में अवारा कुत्तों की नसबंदी कराया जा रहा है। ताकि इनकी आबादी न बढ़ सके, लेकिन डाॅग सेल्टर में उनके स्वस्थ्य होने से पहले ही उन्हें छोड़ दिया जा रहा है। इसके अलावा सेल्टर में कई तरह की अव्यवस्था देखी जा रही है। जिसे देखते हुए एनिमल लवर ग्रुप और जीवनदायी आश्रम के पदाधिकारियों ने नसबंदी को बंद करने की मांग की है। मंगलवार को नगर निगम आयुक्त को पशु प्रेमियों ने एक आवेदन सौंपा है। जिसमें उन्होंने बताया है कि जिस एजेंसी को नसबंदी का काम दिया गया है। उसके द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि 7 दिनों में करीब 70 डाॅग का बधियाकरण किया जा चुका है, लेकिन उसमें भी कई शिकायते सामने आयी है। उन्होंने यह भी बताया कि अवारा कुत्तों को जिन मोहल्लों से उठाया गया है, उनका बधियाकरण करने के बाद उसे वहां नहीं छोड़कर दूसरे मोहल्ले में या शहर से बाहर छोड़ दिया जा रहा है। जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है। निगम आयुक्त से मिला आश्वसन
इसे देखते हुए एनिमल लवर ग्रुप और जीवनदायी आश्रम के सदस्यों ने आवेदन सौंपकर नसबंदी को बंद करने की मांग की है। जहां निगम आयुक्त ने आश्वसन दिया है कि इस काम में कोई लापरवाही न हो और सभी काम अच्छे से हो जाए।


