छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में अमृत मिशन के तहत पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन पिछले कुछ समय से पानी मटमैला आ रहा है। इससे मोहल्लेवासियों को कई तरह की समस्याएं हो रही है। यही नहीं इसके लिए कांगे्रस की महिला पार्षद ने नगर निगम में लिखित शिकायत भी की थी। बताया जा रहा है कि बारिश शुरू होने के बाद कुछ दिन बाद से इस तरह की समस्या देखी जा रही है। ऐसे में लोगों को इस मटमैला पानी को पीने में सोचना पड़ जाता है। शहर के रामभांठा, बैंकुठपुर, गौशाला पारा, बेलादुला क्षेत्र में इसकी शिकायत ज्यादा है। इसके लिए वार्ड नंबर 14 की पार्षद अनुपमा शाखा यादव ने 18 जुलाई को नगर निगम आयुक्त के नाम आवेदन सौंपा था। जिसमें लिखा था कि महिने भर से अमृत मिशन पानी का सप्लाई सही ढंग से नहीं हो पा रही है। पानी मटमैला गंदा होने से यह पीने लायक नहीं है। ऐसे में इस समस्या को दूर करने की मांग की गई थी। 35 मिनट पानी की सप्लाई
पार्षद ने अपने आवेदन में यह भी बताया था कि अमृत मिशन पानी की सप्लाई कम समय के लिए की जा रही है। महज 35 मिनट तक पानी सप्लाई हो रही है। बताया जा रहा है कि जबकि एक घंटे तक पानी की सप्लाई की जानी है। ताकि लोगों की पर्याप्त पानी मिल सके। पंप नहीं निकाल रहे
पार्षद अनुपमा शाखा यादव ने बताया कि पूर्व में मटमैला पानी को लेकर लिखित शिकायत की गई थी। रामभांठा, बैकुंठपुर, गौशालापारा, राम मंदिर गली के साथ ही बेलादुला में भी यह समस्या आ रही है। उन्होंने बताया कि रामभांठा पटनायक गली में मोटर पंप जल गया था और जब उसे बनाने पहुंचे, तो पंप नीचे धंस गया। ऐसे में 4 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक उसे नहीं निकाला जा सका है। इससे भी पानी की समस्या क्षेत्रवासियों को हो रही है।
पीने योग्य पानी है
पंकज कंकरवाल एमआईसी सदस्य, जल विभाग प्रभारी ने बताया कि बारिश के समय जरूर थोड़ी समस्या आती है। मैंने भी जाकर फिल्टर प्लांट में चेक किया था, पर पीने योग्य पानी है। इसके अलावा कई बार पानी सप्लाई कम हो जाता है। इसका कारण है कि बिजली चली जाती है तो शुरू होने का प्रोसेस में समय लग जाता है। इस वजह से कई बार 40-45 मीनट सप्लाई होती है।
शुरू के 5-10 मिनट मटमैला आता है
नगर निगम के जल विभाग प्रभारी सूरज देवांगन ने बताया कि पानी सप्लाई जब शुरू होती है तो शुरू के 5-10 मिनट ही मटमैला आता है। इसके बाद पानी पहले से ज्यादा साफ हो जाता है। हांलाकि इसे लेकर फिल्टर प्लांट में लगातार मानिटरिंग की जा रही है।


