छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा बचाओ और धान खरीदी की तिथि के बढ़ाने को मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। जामगांव के कोलाईबहाल मंडी के पास मेन रोड पर चक्काजाम कर जमकर नारेबाजी की। साथ ही महात्मा गांधी के पूण्यतिथि पर शुष्क दिवस घोषित नहीं किए जाने को लेकर विरोध जताते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। शुक्रवार की दोपहर तकरीबन 12 बजे जिला कांग्रेस कमेटी से कांग्रेस नेताओं ने महात्मा गांधी चौक पहुंचकर उनकी पुण्यतिथि पर महात्मा गांधी की प्रतिमा में माल्यार्पण किया। इसके बाद महात्मा गांधी के पुण्यतिथि पर शुष्क दिवस घोषित नहीं किए जाने का प्रदेश सरकार का विरोध जताने सिग्नल चौक स्थित शराब दुकान के सामने पहुंचे। जहां कांग्रेस नेताओं के द्वारा नारेबाजी करने के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार शराब से राजस्व के नाम पर आय प्राप्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस 30 जनवरी को भी अब अपमान करने में तूल गई है। आजादी के बाद से ही महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को शुष्क दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है और इस दिन शराब बिक्री प्रतिबंधित रहती थी, लेकिन इस बार बंद करने का आदेश सरकार ने जारी ही नहीं किया है। जिसे कांग्रेस नेताओं ने निंदनीय बताया। कांग्रेसी पदाधिकारियों ने ज्ञापन में राज्यपाल से मांग कि है कि इस दिन शराब बिक्री व अन्य कुरीतियों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार को निर्देशित करे।
चक्काजाम कर जमकर किए नारेबाजी
इसके बाद काफी संख्या में कांग्रेस नेता कोलाईबहाल मंडी के पास पहुंचे। जहां उन्होंने सड़क पर बैठकर चक्काजाम शुरू कर दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं का कहना था कि किसान पूरी तरह अपना धान बेच नहीं सके हैं। इससे उन्हें काफी नुकसान होगा। इस दौरान धान खरीदी की तिथि को आगे बढ़ाने को लेकर नारेबाजी भी की गई। चक्काजाम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहर शाखा यादव, ग्रामीण अध्यक्ष नगेंद्र नेगी, महामंत्री विकास ठेठवार, पूर्व विधायक प्रकाश नायक, नेता प्रतिपक्ष निगम सलीम नियरिया, वसीम खान, रानी चौहान, रंजना पटेल समेत अन्य कांग्रेसी मौजूद थे।
धान खरीदी की तिथि को बढ़ाने की मांग
जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष शाखा यादव ने बताया कि कोलाईबहाल मंडी के सामने चक्काजाम किया गया। चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी ने वादा किया था कि किसानों का एक-एक धान की खरीददारी करेंगे। जैसे सत्ता मिली भाजपा की सरकार किसानों को परेशान कर रही है। घर-घर जा कर उनका सत्यापन कर रहे हैं। रकबा समपर्ण करा रहे हैं। एक प्रकार से किसान भाईयों का धान को उनके द्वारा नहीं खरीदे जाने का अंदरूनी निर्देश प्राप्त हुआ है जो आज देखने को मिल रहा है। कांग्रेस पार्टी किसान भाईयों के साथ हैं। हम चाहते हैं कि जो धान खरीदने की मियाद तय हुई थी उसे लगभग एक माह बढ़ाना चाहिए। देखा जा रहा है कि आधे से अधिक किसानों का धान नहीं खरीदा गया है हम चाहते हैं कि किसान भाईयों का धान पूरी तरह से खरीदा जाए।


