छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के ग्राम चोढ़ा में एक निजी भूमि पर हाॅल बनाकर चर्च के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। जिसका विरोध करते हुए आज हिंदू संगठन के लोग उसे तोड़ने के लिए पहुंचे। चर्च का हाॅल नहीं टूटने पर हिंदू संगठन के लोगों ने दरवाजे में गंगाजल छिड़का और स्वास्तिक का निशान बनाया। हाॅल को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है। 4 दिन पहले SDM को आवेदन देकर हाॅल को तोड़ने की मांग की गई थी। ऐसे में गुरुवार को हिंदू संगठन के अंशु टूटेजा समेत उनके साथी ग्राम चोढ़ा पहुंचे और हाॅल में संचालित होने वाले चर्च को तोड़ने की मांग करने लगे। उससे पहले पुलिस और प्रशासनिक अमला यहां मौजूद था। तब अधिकारियों ने चर्चा की और संतोष राठिया की भूमि पर मुन्ना राठिया ने जिस हाॅल का निर्माण किया था। उसे प्रशासन ने अपने सुर्पुद में ले लिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान उस भवन का उपयोग गांव के लिए सामुदायिक भवन के रूप में करने की मांग की गई। जिस पर कोई निर्णय नहीं हो सका। गांव के ग्रामीणों का काम आएगा हिंदू संगठन के अंशु टूटेजा ने बताया कि हाॅल को तोड़ने की मांग की जा रही थी, लेकिन उसे प्रशासन ने अपने कब्जे में लिया है। दरवाजे में गंगाजल छिंटकर स्वास्तिक का निशान बनाया गया है। अंशु ने बताया कि भू-स्वामी संतोष राठिया भी यही चाह रहा है कि चर्च वहां से हट जाए और सामुदायिक भवन बनाया जाता है तो यह हाॅल गांव के हित में काम आएगा। प्रशासन के कब्जे में रहेगा इस संबंध में SDOP प्रभात पटेल ने बताया कि उस हाॅल को सामुदायिक भवन के रूप में इस्तेमाल करने की बात कही जा रही थी, लेकिन जब उसका उचित निराकरण नहीं हो जाता है। तब तक अधिकारियों द्वारा उसे बंद रखने कहा गया है। किसी भी प्रयोजन के लिए उसका इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। भविष्य में जनहित के लिए जरूर उसका उपयोग कर सकते हैं। तब तक प्रशासन के कब्जे में रहेगा।


