छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के बंगुरसिया धान खरीदी केन्द्र में हाथी अब पहुंचने लगे हैं। जहां दो रातो से हाथी धान खरीदी केन्द्र में पहुंचकर धान की बोरियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिसका CCTV फूटेज भी अब सामने आया है। जिसमें हाथी धान को नुकसान पहुंचाते नजर आ रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक बंगुरसिया के जंगल से मंगलवार की रात को दो हाथी खाने की तालाश में धान खरीदी केन्द्र में पहुंच गए। यहां हाथियों ने 9 बोरी धान को खाने और फैलाने लगे। जब इसकी जानकारी वन अमला को लगी, तो उसकी निगरानी में जूट गए। वहीं बुधवार की रात को भी एक हाथी जंगल से निकलकर धान खरीदी केन्द्र में पहुंचा। यहां उसने 6 बोरी धान को खाया और फैलाया। ऐसे में केन्द्र में लगे CCTV कैमरे में हाथियों का फूटेज रिकार्ड हो गया। काफी देर तक रूकने के बाद हाथी का दल यहां से निकलकर वापस जंगल की ओर चले गया। फिलहाल नुकसान किए गए धान का आंकलन किया जा रहा है।
हर साल करते हैं नुकसान
बंगुरसिया जंगल के बिल्कुल बगल से धान खरीदी केन्द्र है। ऐसे में हर साल इसी समय हाथियों का दल यहां पहुंचता है। जिसमें से 1-2 हाथी धान खरीदी केन्द्र पहुंचकर धान को खाते और फैलाते हैं। शुरूआती दौर में 15 बोरियों का नुकसान अब तक हाथियों ने किया है। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए विभाग द्वारा उस निगरानी की जाती है। रायगढ़ वन मंडल में 44 हाथियों की मौजूदगी
विभागीय रिकार्ड के अनुसार रायगढ़ वन मंडल में 44 हाथियों की मौजूदगी है। जिसमें सबसे अधिक हाथी बंगुरसिया पश्चिम में 32 है। इसके बाद बंगुरसिया पूर्व के जंगल में 5, तमनार रेंज के सामारूमा-पूंजीपथरा जंगल में 5 और घरघोड़ा रेंज के छर्राटांगर में 2 हाथी मौजूद है। इसमें 13 नर, 22 मादा और 9 शावक हैं। आसपास गांव में मुनादी कराई गई
इस संबंध में रायगढ़ वन परिक्षेत्राधिकारी संजय लकड़ा ने बताया कि बंगुरसिया सर्किल में हाथियों की मौजूदगी है। दो रात से धान खरीदी केन्द्र में पहुंच रहे हैं। मंगलवार की रात 9 और बुधवार की रात 5 बोरियों को खाया और फैलाया है। हाथी मित्र दल व वनकर्मियों के द्वारा लगातार उनके मुवमेंट पर नजर रखा जा रहा है और आसपास के गांव में मुनादी कराई गई है।


