छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मंे धान खरीदी केन्द्र में कई तरह से लापरवाही की जा रही है। समय-समय पर जिसकी शिकयत भी हो रही है। ऐसे में सहाकारिता विभाग को धान खरीदी केन्द्रों में निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं देखने को मिली। जिसके बाद जिला प्रशासन ने 3 समिति प्रबंधको को निलंबित करते हुए 2 समिति प्रबंधको से वित्तीय प्रभार छिन लिया गया है। सहकारिता विभाग के उप आयुक्त ने बताया कि जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि कई समितियों में शासन द्वारा निर्धारित ढाला पद्धति से धान परीक्षण नहीं किया जा रहा था। किसानों द्वारा बोरे में लाए गए धान को बिना परीक्षण सीधे शासकीय बोरों में भरकर तौल किया जा रहा था। इसके साथ ही धान खरीदी के कार्य में कई तरह से मनमानियां की जा रही थी। ऐसे में जमरगीडी सेवा सहकारी समिति के सहायक समिति प्रबंधक और धान खरीदी प्रभारी दीनबंधु पटेल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उनके द्वारा संतोषजनक जवाब पेश नहीं किए जाने पर उनका वित्तीय प्रभार समाप्त किया गया है। इसी तरह आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कापू के सहायक समिति प्रबंधक श्यामनारायण दुबे द्वारा भी शासन निर्देशों की अनदेखी करते हुए धान खरीदी में लापरवाही बरती गई। ऐसे में इसका भी वित्तीय प्रभार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।
नोटिस का नहीं दिया गया जवाब
धान खरीदी केन्द्र छाल के सहायक समिति प्रबंधक ठण्डाराम बेहरा और कोड़ासिया केन्द्र के समिति प्रबंधक व फड़ प्रभारी प्रहलाद बेहरा द्वारा धान खरीदी में लापरवाही बरती गई। इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन इनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में उन्हें तत्काल निलंबित किया गया है। खड़गांव में धान उपार्जन केंद्र के नोडल अधिकारी के खिलाफ गाली-गलौच और धमकी की शिकायत में जांच को सही पाया गया। साथ ही सहायक समिति प्रबंधक कृपाराम राठिया द्वारा धान खरीदी में लापरवाही बरती गई। जहां जांच प्रतिवेदन के आधार पर उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।


