छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में पिछले दिनों अच्छी बारिश हुई, जिसके बाद शहर की सड़कों पर नालियों का पानी भर गया। इस पर कार्रवाई करते हुए नगर निगम ने ओवरब्रिज के नीचे रेलवे ट्रैक से लेकर सुभाष चौक तक के 48 व्यवसायियों को नोटिस जारी किया था। नोटिस में उन्हें निर्देश दिया गया था कि नालियों के ऊपर बनाए गए अवैध निर्माण को हटाया जाए। इसके बाद भी निगम के नोटिस का असर नहीं हुआ और अब भी नालियों के ऊपर कई जगह अवैध निर्माण बना हुआ है। निगम ने 48 दुकानदारों को थमाया था नोटिस जुलाई महीने में नगर निगम ने 48 व्यवसायियों को नोटिस जारी किया था। नोटिस में कहा गया था कि उन्होंने सार्वजनिक नालों के ऊपर अवैध रूप से पक्के ढांचे बना लिए हैं, जिससे बारिश का पानी ठीक से निकल नहीं पाता। इसके चलते बारिश में जलभराव की समस्या बढ़ गई है। निगम ने इसे नगरपालिका अधिनियम 1956 की धारा 243 और 293 का स्पष्ट उल्लंघन बताया था। तीन दिन में मांगा था जवाब, कार्रवाई की दी थी चेतावनी नगर निगम ने अपने नोटिस में साफ कहा था कि नालों पर किए गए अवैध निर्माण पर नगरपालिका अधिनियम की धारा 244 और 307 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसके तहत दुकानदारों को निर्देश दिए गए थे कि वे तीन दिन के भीतर निर्माण से जुड़ी अनुमति से संबंधित दस्तावेज निगम कार्यालय में जमा करें। निगम ने यह भी चेतावनी दी थी कि तय समय सीमा में वैध दस्तावेज पेश नहीं करने पर निर्माण को अवैध माना जाएगा और उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। निगम के नोटिस का नहीं दिखा असर, अवैध निर्माण जस का तस नगर निगम के नोटिस के बाद भी कोई असर नहीं हुआ। तय समय सीमा बीतने के बाद भी ओवरब्रिज से लेकर सुभाष चौक तक नालियों पर बने अवैध निर्माण अब भी वैसे ही बने हुए हैं। ऐसे में यदि फिर से तेज बारिश होती है, तो नालियों का पानी सड़कों पर फैलने और जलभराव की समस्या दोबारा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। जल्द होगी कार्रवाई, निगम ने दी चेतावनी नगर निगम आयुक्त ब्रजेश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि फिलहाल शहर की अन्य नालियों की सफाई को लेकर काम किया जा रहा है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से ओवरब्रिज से सुभाष चौक तक की नालियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने साफ किया कि निरीक्षण के दौरान नालियों पर अवैध निर्माण पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


