छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में लगातार प्रदूषण बढ़ते जा रहा है। जिसे देखते हुए 5 बिंदुओं में युवा कांग्रेस के द्वारा राष्ट्रपति व भारत के मुख्य न्यायाधीश के नाम ज्ञापन सौंपा है। जिसमें युवा कांगे्रस ने इस मामले में उचित निर्देश जारी करने की मांग की है। सोमवार को युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शहर आशीष जयसवाल के साथ काफी संख्या में युवा कांग्रेसी कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां उन्होंने ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया कि रायगढ़ जिला वर्तमान समय में औद्योगिक, वायु, जल व ध्वनि प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। जिले में संचालित अनेक उद्योग, कोयला परिवहन, भारी वाहनों की आवाजाही, खुले में राख (फ्लाई ऐश) का भंडारण कर रहे हैं। साथ ही वृक्षों की कटाई, नदियों व जलस्रोतों में अपशिष्ट छोडे़ जाने के कारण लोगों के स्वास्थ्य व पर्यावरण पर इसका असर पड़ रहा है। ऐसे में युवा कांग्रेसियों ने ज्ञापन सौंपकर मामले में उचित दिशा निर्देश जारी कर कड़ी कार्यवाही के निर्देश देने की मांग की है। लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे
उन्होंने ज्ञापन में बताया कि प्रदूषण के कारण दमा, एलर्जी, त्वचा रोग, नेत्र रोग जैसी अन्य गंभीर बीमारियों में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। प्रत्येक परिवार किसी न किसी तरह की बीमारियो से ग्रसित है। छोटे बच्चों में निरंतर बीमारियां फैल रही है। भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए इस दिशा में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।
इन बिंदुओं पर कार्यवाही करने की मांग
1. जिले में संचालित समस्त उद्योगों की पर्यावरणीय जांच कर प्रदूषण नियंत्रण मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
2. उद्योगों के निरन्तर विस्तार पर रोक लगाई जाए।
3. वायु गुणवत्ता की नियमित निगरानी के लिए पर्याप्त संख्या में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं।
4. औद्योगिक अपशिष्ट व घरेलू गंदे पानी को नदियों एवं जलस्रोतों में छोड़ प्रदूषण बढ़ाया जा रहा है, इस पर कड़ाई से रोक लगे।
5. उद्योगों के निकलने वाले जहरीले राख (फ्लाई ऐश) को परिवहन में आर्थिक बचत के लिए नदी-नाले खेत खलिहान यत्र तत्र डाला जा रहा है। उस पर कड़ी कार्यवाही हो और रोक लगाई जाए।


