छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में नशीले इंजेक्शन की डिमांड युवा वर्ग में लगातार बढ़ते जा रही है। जिसे देखते हुए पुलिस ने ऑपरेशन आघात की शुरूआत की है। ऐसे में नशीले इंजेक्शन की बिक्री करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामला जूटमिल थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस को जूटमिल क्षेत्र में दर्द निवारक इंजेक्शन का खतरनाक तरीके से नशे के रूप में उपयोग किए जाने की सूचना मिली। जिसके बाद SSP ने जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन आघात के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। जहां पहली कार्रवाई कायाघाट बाबाकुटी के पास की गई। पुलिस को सूचना मिलने पर जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तो वहां रहने वाला रवि गुप्ता 42 साल के घर के पास नाबालिग बालकों की भीड़ लगी हुई थी। पुलिस को देखकर नाबालिग बालक मौका पाकर भाग गए। पुलिस ने घेराबंदी कर रवि गुप्ता को हिरासत में ले लिया। उसके पास तालाशी लेने पर नशीले इंजेक्शन मिले। पूछताछ में उसने ओड़िसा इंजेक्शन लाकर उसे बिना लाइसेंस के बिक्री करना बताया। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
नाबालिगों को आसानी से बेच रहे थे
वहीं दूसरा मामला कयाघाट चौपटी तिराहा के पास की है। जहां कयाघाट मुक्तिधाम सामने गली में रहने वाला सुरेश वर्मा नशीले इंजेक्शन की बिक्री कर रहा था। तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया और पूछताछ करने पर उसने बताया कि ओड़िसा के झारसुगुड़ा लाकर वह इसकी बिक्री करता था। ऐसे में नाबालिग बालक भी नशे का इंजेक्शन लेने के लिए पहुंचते थे। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 22 नग नशे का इंजेक्शन जब्त किया है और आरोपियों को न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया है।
नशे का व्यापार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
इस संबंध में SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि नशीली दवाओं के माध्यम से किशोरों को नशे की ओर धकेलने वाले व्यक्तियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। ऑपरेशन आघात के तहत के तहत लगातार ऐसे लोगों पर निगरानी की जा रही है। रायगढ़ पुलिस बालकों के स्वास्थ्य और भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी।


