रायपुर के नेशनल हाइवे में एक्सीडेंट मामले में भाजपा विधायक रेणुका सिंह का बेटा गिरफ्तार हुआ है। पुलिस ने आरोपी बलवंत सिंह के खिलाफ बीएनएस के तहत लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाने की धारा में केस दर्ज किया है। इस घटना के बाद पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया था। यह पूरा मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। घटना मंगलवार देर रात 1.30 बजे की है, बीजेपी विधायक के बेटे ने कार से बाइक सवार को टक्कर मार दी। घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र के अग्रसेन धाम चौक के पास की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक सवार चौक के पास से गुजर रहा था, तभी तेज रफ्तार से आ रही कार बेकाबू होकर बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने पुलिस की मदद से पहुंचाया अस्पताल आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। टक्कर के बाद पुलिस को मौके से कार से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले थे। गाड़ी सरगुजा निवासी युवक की पुलिस की जांच में सामने आया कि जिस कार से हादसा हुआ वो सरगुजा के रामानुज नगर निवासी जयप्रकाश उपाध्याय की है। पुलिस ने उसे नोटिस दिया जिसके बाद उसने बताया की घटना के दिन उसकी गाड़ी को बलवंत सिंह चला रहा था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी बलवंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। हर साल बढ़ रहा हादसे और मौत का आंकड़ा छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों से होने वाली मौतों की संख्या हर साल लगातार बढ़ती जा रही है। सड़क सुरक्षा से जुड़ी अंतर्विभागीय नोडल एजेंसी के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में स्थिति बेहद गंभीर होती जा रही है। साल 2023 में प्रदेश में 7,156 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 3,338 लोगों की जान चली गई। साल 2024 में हादसों की संख्या बढ़कर 7,693 पहुंच गई और इनमें 3,753 लोगों की मौत हुई। साल 2025 में स्थिति और भी भयावह नजर आ रही है। 15 नवंबर तक प्रदेश में 13,504 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 11,554 लोग घायल हुए हैं, जबकि 5,955 लोगों की जान चली गई। आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि सड़क हादसे अब राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी सड़क दुर्घटनाओं की तस्वीर चिंताजनक है। साल 2023 में देश में सबसे अधिक सड़क हादसे तमिलनाडु में दर्ज किए गए, जहां कुल 67,213 दुर्घटनाएं हुईं। वहीं सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौतों का रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश के नाम रहा, जहां 23,652 लोगों की जान गई। इन कारणों से होते हैं हादसे हादसे से बचने के लिए क्या करें


