रायपुर ट्रैफिक की बदहाली का एम्बुलेंस से LIVE VIDEO:इमरजेंसी-केस का मरीज, 8 मिनट का सफर 28 मिनट में, 3 गुना देरी की वजह जानिए

रायपुर के ट्रैफिक को लेकर कई शिकायतें अक्सर सामने आती रहती है। आज दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में एम्बुलेंस के अंदर से देखिए रायपुर ट्रैफिक का हाल। आखिर किस तरह से एक इमरजेंसी केस के मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। ये एम्बुलेंस संजीवनी हॉस्पिटल से करीब 11:30 बजे निकली। एम्बुलेंस में सवार मरीज को पेट (PET) स्कैन के बाद देवेंद्र नगर के श्री नारायणा हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था। यह सफर करीब 8 से 10 मिनट का होता है, लेकिन मरीज को अस्पताल के भीतर पहुंचने में करीब 28 मिनट लग गए। ऐसे इमरजेंसी केस में मरीज को 3 गुना समय लगने से कई परेशानियां होती है। इलाज में देरी होती है। हालांकि, इस मामले में ट्रैफिक अफसरों का कहना है कि इमरजेंसी वाहनों को पहले निकालने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद जिन चौक-चौराहों पर परेशानी आ रही। उसके लिए उपाय निकाले जाएंगे। अब देखिए एम्बुलेंस के भीतर से परेशान करने वाला ट्रैफिक पचपेड़ी नाका चौक पर बस-ट्रक की टर्निंग- सुबह 11:30 बजे एम्बुलेंस अस्पताल से निकलकर पचपेड़ी नाका चौक होते हुए आगे बढ़ी। वीडियो में देखेंगे कि पचपेड़ी नाका चौक पर बस और ट्रक की वजह से एम्बुलेंस की स्पीड धीरे हो गई। फिर वह जाम में फंस गई। ट्रक के गुजरने के बाद एम्बुलेंस आगे निकल बढ़ी। ऑटो-ई-रिक्शा की सड़क पर पार्किंग- पचपेड़ी नाका ओवर ब्रिज के नीचे ट्रैफिक पुलिस थाना बना हुआ है। जहां ट्रैफिक पुलिस कर्मी मौजूद रहते हैं। इसके बावजूद 50 मीटर दूर चौक पर ऑटो और ई-रिक्शा खड़ी दिखी। सड़क पर ऑटो खड़ी करके ड्राइवर सवारी का इंतजार कर रहे थे। जिससे रास्ते की चौड़ाई कम हो गई। मंत्रियों के बंगले के सामने मालवाहक शहर के बीच में घुसा- एम्बुलेंस आगे बढ़ते हुए शंकर नगर एक्सप्रेस-वे के पास पहुंची। इस दौरान मालवाहक गाड़ी एम्बुलेंस के सामने आ गई। इस सड़क पर मंत्रियों के बंगले समेत IG ऑफिस भी मौजूद हैं। जबकि शहर के कई भीतरी हिस्सों में मालवाहक गाड़ियों की एंट्री बंद होती है। इसके बाद देवेंद्र नगर पहुंचकर एम्बुलेंस दोपहर 12 बजे श्री नारायणा अस्पताल पहुंची। इस दौरान एम्बुलेंस को करीब 8 से 10 मिनट के सफर को पूरा करने में करीब 28 मिनट लग गए। रॉन्ग साइड से गुजरते रहे लोग- एम्बुलेंस लगातार सायरन बजा रही थी। लेकिन ट्रैफिक जाम होने की वजह से उसे रास्ता मिलना मुश्किल हो गया। बीच-बीच में शहर की मुख्य सड़कों से रॉन्ग साइड से गुजरते लोग भी दिखे। जिससे साफ है कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस के साथ लोगों की जागरूकता से भी जुड़ी है। ट्रैफिक ASP बोले- जहां समस्या ज्यादा समीक्षा करेंगे इस मामले में रायपुर ट्रैफिक ASP प्रशांत शुक्ला ने कहा कि ट्रैफिक जवानों को निर्देश दिए गए हैं कि इमरजेंसी वाहनों को जाम से पहले निकाला जाए। इसके बावजूद जिन चौक चौराहों पर ऐसी स्थिति बन रही है। वहां समीक्षा करके समाधान निकाले जाएंगे, जिससे मरीजों को परेशानी न हो। आबादी बढ़ी, वाहन बढ़े, लेकिन ट्रैफिक जवानों की संख्या नहीं बढ़ी 2001 में रायपुर जिले (अविभाजित यानी गरियाबंद और बलौदाबाजार के साथ) में वाहनों की 31 हजार के करीब थी। वहीं आबादी 30 लाख 16 हजार के करीब थी। यानी 97 लोगों पर एक गाड़ी थी। अगले 10 साल में यानी 2011 तक ये आबादी 40 लाख 63 हजार के पार पहुंच गई। वहीं वाहनों की संख्या 49 लाख 67 हजार के पार कर गई। यानी हर 8 व्यक्ति पर एक गाड़ी हो गई। इस लिहाज से आबादी की तुलना में वाहनों की संख्या 52 गुना तेजी से बढ़ रही है। सामान्य नियम के अनुसार, 1000 हजार वाहनों पर 1 ट्रैफिक जवान होना चाहिए। तब हमारे पास 233 ट्रैफिक के जवान उपलब्ध थे, जबकि होने 492 चाहिए थे। सुधार की जरूरत, क्योंकि साल दर साल बढ़ रहे सड़क हादसे रायपुर शहर में ट्रैफिक व्यवस्था जल्द सुधारने की जरूरत है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 5 साल में सड़क हादसों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। साल 2020 में 1766 सड़क हादसे शहर में रिपोर्ट किए गए थे, जो साल 2024 में बढ़कर 2 हजार से पार चले गए। इन हादसों में जान गंवाने वालों में संख्या भी 482 से बढ़कर 600 के करीब हो गई है। व्यवस्थाएं ठीक नहीं होने के कारण हादसे और बढ़ रहे हैं। ……………………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें सड़कों पर मवेशी: पांच साल में 166 हादसे, 43 मौतें:हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- कैसे हटाओगे, बताओ; हकीकत-हर सड़क पर मवेशी छोड़ रहे मालिक बिलासपुर में रतनपुर-केंदा सड़क पर 13 मवेशियों की तेज रफ्तार हाइवा से कुचलकर हुई मौतों पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने स्पेशल डिवीजन बेंच गठित कर मामले की सुनवाई की। इस दौरान सीजे सिन्हा ने सख्त लहजे में कहा कि हाईकोर्ट इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहा है, इसके बाद भी लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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