छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ते अपराधों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस आज सोमवार को रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार अपराध रोकने में विफल साबित हुई है और जनता भय के माहौल में जी रही है। घेराव से पहले नगर निगम के सामने एक जनसभा आयोजित की जाएगी, जहां प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख नेता सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएंगे। प्रदेश भर से जुटेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस नेताओं के मुताबिक इस आंदोलन में प्रदेश के सभी जिलों से पार्टी नेता और कार्यकर्ता रायपुर पहुंच रहे हैं। राजधानी और आसपास के जिलों पर विशेष फोकस किया गया है। रायपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के हर वार्ड से लोगों को आंदोलन में शामिल करने के लिए टारगेट तय किए गए हैं। जिला और शहर कांग्रेस कमेटी ने भीड़ जुटाने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। कांग्रेस ने स्थानीय प्रतिनिधियों और आम लोगों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। जनसभा के बाद सुबह 11 बजे नगर निगम गार्डन के सामने से मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच किया जाएगा। सरकार से कानून व्यवस्था नहीं संभल रही- दीपक बैज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार के 15 महीने पूरे होने के बाद भी कानून व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, आम आदमी डरा हुआ है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। आज हालत ये है कि कोई नशेड़ी या गुंडा कब किसे चाकू मार दे, इसका कोई भरोसा नहीं। भाजपा सरकार से कानून व्यवस्था नहीं संभल रही है। सिर्फ रायपुर में 93 हत्याएं- कांग्रेस ने जारी किए आंकड़े मुख्यमंत्री निवास घेराव से पहले कांग्रेस ने विधानसभा में प्रस्तुत राज्य सरकार के आधिकारिक आंकड़ों को सामने रखते हुए क्राइम डेटा पेश किए हैं। पार्टी का दावा है कि सिर्फ एक साल में राज्यभर में: राजधानी रायपुर में ही इस अवधि में: कांग्रेस ने इन आंकड़ों को सरकार की विफलता बताया है और कहा है कि ये दर्शाते हैं कि अपराधियों पर न तो पुलिस का खौफ है, न सरकार की कोई पकड़। सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करेगी कांग्रेस जनसभा के दौरान कांग्रेस नेता भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली, पुलिस की निष्क्रियता और प्रशासन की कमजोरी को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करेंगे। नेताओं का कहना है कि एक ओर सरकार ‘सुरक्षित प्रदेश’ का दावा करती है, वहीं जमीनी सच्चाई यह है कि राज्य की राजधानी तक सुरक्षित नहीं रही। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी, सियासी शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कांग्रेस के इस आंदोलन को पार्टी का एक बड़ा सियासी शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आंदोलन में प्रदेश के सभी विधायक, सांसद, पूर्व मंत्री, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। राजधानी में होने वाले इस प्रदर्शन से कांग्रेस राज्य सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश में है। पार्टी स्तर पर कसी कमान प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि राजधानी और आसपास के क्षेत्रों से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए सभी जमीनी स्तर के पदाधिकारियों को सक्रिय किया गया है।इस सरकार को जगाने का वक्त आ गया है। आंकड़े सबके सामने हैं और हालात हर दिन बदतर होते जा रहे हैं। कांग्रेस जनता की आवाज बनकर सड़क पर उतरेगी।


