राजधानी रायपुर के एनआईटी चौपाटी को आज आमानाका शिफ्ट किया जाना है, लेकिन शिफ्टिंग से पहले ही विवाद बढ़ गया है। चौपाटी के व्यापारियों ने शिफ्टिंग का विरोध करते हुए आज सुबह 11 बजे से धरने पर बैठने का ऐलान किया है। व्यापारियों के इस विरोध को कांग्रेस ने भी खुला समर्थन दिया है। एक दिन पहले 21 नवंबर को जब नगर निगम की टीम चौपाटी पहुंची और दुकानदारों को शिफ्टिंग की सूचना दी, तो व्यापारियों ने मौके पर ही आपत्ति जताई। उनका कहना है कि उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं दिया गया। बिना तैयारी के अचानक आमानाका भेजने को कहा जा रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि बिना संवाद, बिना तैयारी और बिना विकल्प दिए दुकानों को हटाने से उनका कारोबार ठप हो जाएगा। चौपाटी का विरोध और नालंदा-2 का निर्माण रायपुर में लगभग 10 करोड़ रुपए खर्च करके चौपाटी का विकास किया गया था, जिसका पूर्व विधायक राजेश मूणत ने कड़ा विरोध किया था। 2023 में भाजपा सरकार आने के बाद चौपाटी को हटाने और उस स्थान पर नालंदा-2 बनाने की योजना पर तेजी से काम शुरू हुआ। नवंबर 2025 में नगरीय प्रशासन ने नालंदा-2 के लिए टेंडर पूरे होने की जानकारी दी और 15 नवंबर से चौपाटी शिफ्टिंग की तारीख घोषित की। लेकिन, इससे पहले ही रेलवे ने 32 दुकानदारों को नोटिस भेजकर इस जमीन पर अपना दावा जता दिया। अब इस विवाद के बाद नगर निगम और रेलवे के बीच बातचीत का दौर जारी है, ताकि जल्द ही इस मसले का हल निकाला जा सके।


