रायपुर स्टेशन की नई इमारत की सुरक्षा होगी हाईटेक:550 कैमरों से होगी 24×7 निगरानी, इसमें एआई 120 कैमरा भी, हर पल रहेगी भीड़ पर नजर

एयरपोर्ट की तर्ज पर रायपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। स्टेशन की नई इमारत में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता और हाईटेक इंतजाम किए जाएंगे। रेलवे प्रशासन स्टेशन परिसर में कुल 550 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाएगा, जिनमें 120 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित होंगे। ये कैमरे प्लेटफॉर्म, ओवरब्रिज, प्रवेश-निकास द्वार और वेटिंग एरिया की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। एआई कैमरों की खासियत यह होगी कि यदि किसी स्थान पर तय सीमा से अधिक भीड़ जमा होती है, तो सिस्टम स्वतः अलर्ट जारी कर देगा। वहीं प्लेटफॉर्म पर दो घंटे से अधिक समय तक कोई संदिग्ध सामान पड़ा रहने पर उसकी लोकेशन कंट्रोल रूम में दिखाई देगी।
कंट्रोल रूम से तुरंत मौके पर तैनात जवानों को सूचना दी जाएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ये कैमरे भीड़ की संख्या, आवाजाही की दिशा और ठहराव के समय का भी विश्लेषण करेंगे, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव होगी। फिलहाल रायपुर रेलवे स्टेशन पर 55 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिन्हें वर्ष 2017 में स्थापित किया गया था। दिन में इनकी तस्वीरें स्पष्ट रहती हैं, लेकिन रात के समय बिजली गुल होने पर रिकॉर्डिंग प्रभावित होती है और दूर की तस्वीरें साफ नहीं दिखतीं। नई इमारत में लगने वाले सभी कैमरों को सेंट्रल कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, जहां बड़ी स्क्रीन पर पूरे स्टेशन की लाइव मॉनिटरिंग होगी। एआई तकनीक की मदद से जैसे ही कहीं असामान्य भीड़ बढ़ेगी, सिस्टम स्वतः अलर्ट देगा और सुरक्षा बल, रेलवे कर्मचारी व आरपीएफ तत्काल मौके पर पहुंच सकेंगे। ओवरब्रिज और प्लेटफॉर्म पर विशेष फोकस अक्सर देखा गया है कि ट्रेन के आने-जाने के समय ओवरब्रिज और प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यहां अधिक संख्या में कैमरे लगाए जा रहे हैं। ओवरब्रिज पर भीड़ बढ़ने की स्थिति में यात्रियों को दूसरे रास्तों से डायवर्ट किया जा सकेगा या ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदलने जैसे फैसले समय रहते लिए जा सकेंगे। यात्रियों को सीधा फायदा
भगदड़ जैसी घटनाओं की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। इसके अलावा, संदिग्ध गतिविधियों पर भी एआई कैमरों की नजर रहेगी, जिससे सुरक्षा और मजबूत होगी। ये है भविष्य की योजना
अगर यह सिस्टम सफल रहता है, तो इसे अन्य बड़े और व्यस्त स्टेशनों पर भी लागू किया जाएगा। एआई कैमरों को फेस रिकग्निशन और ऑटोमेटिक अनाउंसमेंट सिस्टम से भी जोड़ा जा सकता है।

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