राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रायसेन जिले में लगातार हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। इन आयोजनों का उद्देश्य समाज में समरसता, जागृति और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करना है। इसी क्रम में सोमवार को नगर के रामलीला मैदान में श्री राम बस्ती क्षेत्र का हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें सकल हिंदू समाज की उल्लेखनीय सहभागिता रही। कलश शोभायात्रा से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ सम्मेलन से पूर्व खुन-खुन वाले दादाजी दरबार से भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा मिश्र तालाब के पीछे से प्रारंभ होकर तालाब मोहल्ला, माता मंदिर चौराहा, सांची मार्ग, रामलीला मार्केट और सर्राफा बाजार होते हुए रामलीला मैदान पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, माताएं और बहनें पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं। नगरवासियों ने किया पुष्प वर्षा से स्वागत शोभायात्रा के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने महिलाओं का उत्साहवर्धन किया, जिससे पूरे नगर में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण बना रहा। संघ के पंच परिवर्तन पर हुआ विचार मंथन हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विदिशा के विभाग प्रचारक नवीन जी जोशी उपस्थित रहे। उन्होंने भारत माता के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान ‘जय जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। श्री राम के आदर्शों से समरस समाज का आह्वान अपने उद्बोधन में नवीन जी जोशी ने संघ शताब्दी वर्ष के अंतर्गत पंच परिवर्तन के पांचों बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रामायण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रभु श्री राम का जीवन मर्यादा, समरसता और सामाजिक एकता का संदेश देता है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से जात-पात से ऊपर उठकर संगठित समाज निर्माण के लिए कार्य करने का आग्रह किया। समाज को दिलाया गया संकल्प इस अवसर पर मुख्य वक्ता ने उपस्थित सकल हिंदू समाज को सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प भी दिलाया। कार्यक्रम के पश्चात भारत माता की आरती की गई। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन प्रसादी ग्रहण की। हिंदू सम्मेलन का संचालन बहन प्रिया शुक्ला द्वारा किया गया। उनके सफल संचालन के लिए सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल की बहनों ने उन्हें साल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित आयोजित हिंदू सम्मेलन में माताएं, बहनें, पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हुए, जिससे आयोजन की व्यापक सामाजिक सहभागिता देखने को मिली।


