रायसेन में मंगलवार को जनसुनवाई में अवैध कॉलोनियों, अवैध शराब बिक्री, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रस्तावित गोशाला की भूमि से अतिक्रमण हटाने जैसे कई मुद्दों को लेकर लोगों ने अलग-अलग तरीके से अपना विरोध जताया। कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं न मिलने से महिलाओं ने नारेबाजी की प्रस्तावित गोशाला की भूमि को मुक्त करने आवेदक नारियल लेकर कलेक्टर के पास पहुंचा। मंडीदीप से एक बस भरकर आए पीड़ितों ने बताया कि बिल्डर देवेंद्र गोलाईत, प्रियंका और राहुल चौरे द्वारा काटी गई ‘अर्कसिटी’ कॉलोनी (वार्ड नं. 24, पिपलिया गज्जू, मंडीदीप) में 10 साल बाद भी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। कॉलोनीवासियों को नालियों का गंदा पानी पीने को मिल रहा है, क्योंकि पीने के पानी की लाइनें अस्थायी चैंबरों के अंदर से डाली गई हैं और लीक होने के कारण नाली का पानी दूषित हो रहा है। उन्होंने बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई और सुविधाओं की मांग की। नारियल लेकर कलेक्टर के पास पहुंचा आवेदक
एक अन्य मामले में, ग्राम कुचबाड़ा, तहसील उदयपुरा निवासी एक व्यक्ति शासकीय से अतिक्रमण हटाने की मांग लेकर कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के पास पहुंचा। उसने बताया कि इस भूमि पर वेद लक्ष्णा कामधेनु कल्याण सेवा समिति द्वारा गोशाला का निर्माण प्रस्तावित है, लेकिन गांव में इसके अलावा कोई अन्य शासकीय भूमि उपलब्ध नहीं है। कलेक्टर ने आवेदक को भविष्य में इस तरह से अपनी बात न रखने की हिदायत दी। लोगों ने की पट्टे की मांग
गैरतगंज तहसील के वार्ड 3, भगत सिंह बाई, नगर परिषद में भी एक मुद्दा उठा। यहां लगभग 250 परिवार विगत 55 वर्षों से लगभग 9 एकड़ 57 डिसमिल भूमि पर निवास कर रहे हैं। वर्तमान में इस भूमि पर लगभग 1500 की आबादी और 900 पंजीकृत मतदाता हैं। इन परिवारों ने राज्य शासन की पट्टा वितरण नीति के तहत भूमि के पट्टे दिए जाने की मांग की। देखिए तस्वीरें…


