रायसेन पुलिस ने आंखों में मिर्ची झोंक कर अपहरण और मारपीट के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के निर्देश पर की गई। आरोपियों ने पीड़ित की आंखों में मिर्ची झोंककर उन्हें अगवा किया था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फरियादी हरिराम बैरागी निवासी ग्राम रामासिया ने 14 जनवरी 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 13 जनवरी को वह अपनी पत्नी इमरती, दामाद मूरत सिंह और अन्य परिजनों के साथ ऑटो से भोपाल से अपने घर लौट रहे थे। शाम करीब 7 बजे जाखा पुल और नीमखेड़ा के बीच आरोपी खिलान बैरागी ने अपनी वैन से उनका रास्ता रोक लिया। इसके बाद आरोपी कालूराम बैरागी, खिलान बैरागी, नंदू बैरागी, दीपक बैरागी, बिट्टू बैरागी, चंदाबाई बैरागी और भुरिया बैरागी ने फरियादी पक्ष की आंखों में मिर्ची झोंक दी। उन्हें ऑटो सहित अमरावत कचनीखेड़ी के जंगल में ले जाकर लाठी-डंडों और हाथ-मुक्कों से बेरहमी से पीटा। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देकर वहां से फरार हो गए। थाना कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी नीलम चौधरी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र गोयल ने एक टीम गठित की। विवेचना के दौरान पुलिस ने कल्लू उर्फ कालूराम बैरागी (43) और दीपक बैरागी (25), दोनों निवासी ग्राम रायपुर रमासिया को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी कल्लू उर्फ कालूराम के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक नरेंद्र गोयल, उपनिरीक्षक शैलेंद्र दायमा, प्रधान आरक्षक कुलदीप पाठक, प्रकाश चिढार, शशांक दीक्षित और साइबर सेल की टीम की सराहनीय भूमिका रही।


