रायसेन शहर के वार्ड 13 स्थित अवंतिका कॉलोनी में गौपीठाश्वर पं. विपिन बिहारी महाराज की श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन गुरुवार शाम को श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। बुंदेली भाषा में कथा सुनाने वाले महाराज के प्रवचन सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस अवसर पर पूरा पंडाल ‘जय श्री कृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर भगवान के जयकारे लगाए। माखन मिश्री के साथ बधाई गीत गाए गए। कथावाचक पं. विपिन बिहारी महाराज ने श्री कृष्ण की लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण वृंदावन के स्वामी हैं। वृंदावन जाते समय व्यक्ति को अपनी जाति, धन, बुद्धि और पद का अभिमान घर पर छोड़ देना चाहिए। तुलसी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए महाराज ने कहा वृंदावन धाम से लौटते समय यमुना जल का आचमन, ब्रज की रज में लोटना, पेज ब्रजवासियों से मांगना और बांके बिहारी से नैन मिलाना नहीं भूलना चाहिए। महाराज ने यह भी कहा कि वृंदावन और बरसाने की महिमा श्री राधा पर आश्रित है। यदि कोई अपने घर को वृंदावन बनाना चाहता है, तो उसे घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए, क्योंकि ‘वृंदा’ का अर्थ ही तुलसी है। महाराज ने ‘बाबाओं’ के दो प्रकार बताए। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे होते हैं जो भक्तों को उनके माता-पिता और इष्ट देवों से दूर करते हैं, जबकि दूसरे वे हैं जो लोगों को माता-पिता की सेवा और भगवान की पूजा से जोड़ते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से ऐसे बाबाओं की पहचान करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि घर पर बैठे माता-पिता की सेवा संत सेवा से भी बढ़कर है। वृद्ध माता-पिता की सेवा करने से देवता प्रसन्न होते हैं। जो व्यक्ति अपने माता-पिता से बैर करता है, वह अपने जीवन में कभी सफल नहीं हो सकता। यह आयोजन श्री गौरी शंकर ऋण मुक्तेश्वर महादेव जनकल्याण समिति के तत्वावधान में किया जा रहा है। इसमें प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। गुरुवार को भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा और वार्ड नंबर 5 के पार्षद प्रतिनिधि राजकिशोर सोनी ने भी कथा में पहुंचकर कथावाचक विपिन बिहारी महाराज से आशीर्वाद लिया और भगवान श्री कृष्ण की आरती उतारी।


