रायसेन में शीतलहर के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। अत्यधिक ठंड के कारण हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्ट बाइट जैसी शीत जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिससे गंभीर परिस्थितियों में जान का जोखिम भी हो सकता है। जिले में पिछले तीन दिन से रात का न्यूनतम तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है। जबकि की दिन का अधिकतम तापमान 23 से 25 डिग्री दर्ज किया जा रहा है। इस हिसाब से दिन और रात के तापमान में काफी अंतर देखा जा रहा है। विभाग के अनुसार, शीतलहर के दौरान 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजन, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे, हृदय एवं श्वसन रोग से पीड़ित व्यक्ति, बेघर लोग, खुले स्थानों व निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिक और सड़क किनारे रहने वाले छोटे व्यवसायी विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं। गर्म कपड़े पहनने की सलाह
एडवाइजरी में पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े पहनने और कई परतों में वस्त्र धारण करने की सलाह दी गई है। सिर, गर्दन, हाथ एवं पैरों को अच्छी तरह ढकने के लिए टोपी, मफलर और मोजे का प्रयोग करें। वॉटर प्रूफ जूतों का उपयोग भी महत्वपूर्ण बताया गया है। इसके साथ ही, गर्म एवं तरल पेय पदार्थ जैसे चाय और सूप का सेवन करते रहें। संतुलित आहार और विटामिन-सी युक्त फल-सब्जियों को अपने भोजन में शामिल करें। लोगों को ठंडी हवा से बचने, घर के अंदर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की हिदायत दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों, अकेले रहने वाले और असहाय व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। आवश्यक दवाइयों, ईंधन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों का पूर्व भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। ठंड से प्रभावित होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने और निकटस्थ अस्पताल से संपर्क करने की सलाह दी गई है। विभाग ने कुछ सावधानियां बरतने की भी सलाह दी है, जैसे अत्यधिक ठंड में खुले स्थानों पर अनावश्यक समय तक न रहें। गीले कपड़े पहनकर न रहें, बल्कि तुरंत सूखे कपड़े पहनें। हाइपोथर्मिया एवं फ्रॉस्ट बाइट के लक्षणों में तेज कंपकंपी, अत्यधिक थकान, भ्रम की स्थिति, बोलने में कठिनाई और नींद आना शामिल हैं। हाथ-पैर की उंगलियों, कानों या नाक में सुन्नता, सफेद या पीला पड़ना भी इसके लक्षण हो सकते हैं। रायसेन में दिन का अधिकतम तापमान 23 से 25 डिग्री दर्ज किया जा रहा है। गुरुवार और शुक्रवार की रात का न्यूनतम तापमान भी 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।


