रायसेन जिले के सिलवानी थाना क्षेत्र अंतर्गत सलैया गांव में सोमवार सुबह कड़ाके की ठंड के बीच एक नवजात शिशु झाड़ियों में लावारिस हालत में मिला। घटना के समय क्षेत्र में न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सुबह करीब 8 बजे खेत की ओर से बच्चे के रोने की आवाज सुनकर एक ग्रामीण ने गांव के चौकीदार जमना प्रसाद को सूचना दी। चौकीदार ने तत्काल पुलिस को अवगत कराया। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों की मदद से नवजात को सिलवानी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे निगरानी में लिया। नाल तक नहीं कटी थी
चिकित्सकों के अनुसार, नवजात की नाल तक कटी हुई नहीं थी, जिससे संकेत मिला कि बच्चे का जन्म कुछ ही समय पहले हुआ है। बच्चा स्टेट हाईवे-15 पर सिलवानी-बरेली मार्ग स्थित सलैया गांव में किसान महेंद्र पटेल के खेत की झाड़ियों में पड़ा मिला था। सूचना पर 112 डायल के माध्यम से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। चोटें और फीवर, हालत स्थिर लेकिन चिंताजनक
डॉक्टरों ने बताया कि झाड़ियों में पड़े रहने के कारण नवजात के प्राइवेट पार्ट और पैर में चोट आई है। उसे बुखार भी था, हालांकि फिलहाल हालत स्थिर बताई जा रही है और लगातार निगरानी की जा रही है। सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम भी अस्पताल पहुंची। मां ने दो दिन पहले डिलीवरी की बात कबूली
इधर, शाम के समय नवजात की मां सीडब्ल्यूसी के सामने आई। पूछताछ में उसने बताया कि दो दिन पहले घर पर डिलीवरी हुई थी, जिसके बाद उसने बच्चे को झाड़ियों में छोड़ दिया। महिला ने यह भी बताया कि उसके पहले से पांच बच्चे हैं और तीन बच्चों के बाद नसबंदी कराई जा चुकी थी, इसके बावजूद गर्भ ठहर गया। नवजात की मां बोलने की स्थिति में नहीं
सिलवानी थाना प्रभारी पूनम सविता ने बताया कि चौकीदार को नवजात के माता-पिता और उनके घर की जानकारी थी। बच्चे के झाड़ियों में मिलने की सूचना के बाद ग्रामीणों ने चौकीदार को बताया, जिसके बाद नवजात को पहले उसके घर ले जाया गया और फिर पुलिस द्वारा अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने नवजात के माता-पिता को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की है। फिलहाल मां बोलने की स्थिति में नहीं है, इसलिए नवजात और उसकी मां को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। मां की हालत में सुधार के बाद उसके बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


