रावघाट से जगदलपुर रेल लाइन 2028 तक बनकर तैयार हो जाएगी। अभी रायपुर से जगदलपुर ट्रेन से जाने के लिए तितलागढ़ होकर जाना पड़ता है। ये रूट 626 किमी लंबा है, जिसमें 14 घंटे लगते हैं। नई लाइन के बिछते ही रायपुर से भिलाई, दल्ली राजहरा होकर 360 किमी की दूरी तय कर जगदलपुर पहुंच जाएंगे। अगर इस रूट पर वंदे भारत चली तो 4 घंटे में ही पहुंच जाएंगे। इसमें 10 क्रॉसिंग, 2 हॉल्ट होंगे। बता दें कि 140 किमी के प्रोजेक्ट के लिए 776.34 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण 2023 से चल रहा है। इसमें अब तक 264.6 हेक्टेयर जमीन ली जा चुकी है। रावघाट से जगदलपुर के बीच 12 स्टेशन बना रहे हैं। इनमें पल्लीगांव, कुरकानार बस्तर, सोनारपा, भनपुरी, दहीकोंगा, बनियागांव, कोंडागांव, जुगनी, चांदगांव, नारायणपुर, भरनदा शामिल हैं। 5 साल लेट हुआ तो 975 करोड़ रुपए बढ़ गई कीमत
9 मई 2015 को बस्तर रेलवे प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू हुआ। डीपीआर में इस प्रोजेक्ट पर कुल खर्च 2538.30 करोड़ आंकी गई। अब इसे केंद्र से अनुमति मिली तो प्रोजेक्ट का लक्ष्य 5 साल बढ़ाकर 2028 कर दिया गया है, लागत 975 करोड़ बढ़कर 3513 करोड़ रुपए हो गई है। ये है बस्तर की रेल जीवनरेखा: दल्ली राजहरा से जगदलपुर के बीच दो फेस में काम की शुरुआत हुई। दल्ली राजहरा से रावघाट और फिर रावघाट से जगदलपुर। 90 किमी के दल्ली राजहरा से रावघाट में अब सिर्फ 18 किमी का काम बाकी है। इस बीच ताड़ोकी तक ट्रेनें भी चलना शुरू हो गई है। शेष|पेज 09 सितंबर 2025 तक इस काम पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। अब फेस-2 में रावघाट से जगदलपुर 140 किमी रेल लाइन बिछाने की मंजूरी केंद्र ने दे दी है। करीब 80 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण भी हो चुकी है। यानी 2026 से रेल लाइन का निर्माण का काम शुरू हो जाएगा।


