धौलपुर जिले में रसद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक राशन डीलर का लाइसेंस तीन माह पहले निलंबित कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार राशन वितरण कर रहा है। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं। यह मामला धौलपुर के कुंजी का नगला स्थित राशन डीलर सत्यवीर सिंह से जुड़ा है। ग्रामीणों की शिकायत पर रसद विभाग ने जांच कराई थी। जांच अधिकारी ने तीन माह पूर्व डीलर को दोषी पाया और उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी। इस रिपोर्ट के आधार पर जिला रसद अधिकारी ने सत्यवीर सिंह का लाइसेंस निलंबित कर दिया था और प्रवर्तन अधिकारी बाड़ी को कुंजी का नगला की दुकान अटैच करने के निर्देश दिए थे। प्रवर्तन अधिकारी बाड़ी, गजेंद्र बाबू शर्मा ने बताया कि उनकी जांच में राशन डीलर दोषी पाया गया था, जिसके बाद जिला रसद अधिकारी ने उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया। शर्मा ने यह भी स्वीकार किया कि लाइसेंस निलंबन के बावजूद निलंबित डीलर द्वारा अभी तक राशन बांटा जा रहा है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग गया है। मामले को लेकर जिला रसद अधिकारी कल्याण सहाय करोल ने बताया कि उन्हें अभी तक इस पूरे प्रकरण की जानकारी नहीं है।


