भोपाल स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च में रूबिक्स क्यूब पर क्लास चल रही है। शहर के विभिन्न स्कूलों से चुने गए छठी से दसवीं क्लास के बच्चे इसके पीछे की मैथ्स जानने को उत्सुक हैं। गणित के जटिल कॉन्सेप्ट्स को इस क्लास में समझाया जा रहा है। ये बच्चे IISER मैथ्स सर्किल का हिस्सा हैं। साल 1900 में यूरोपीय देशों से शुरू हुई मैथ्स सर्किल भारत में लोकप्रिय होती जा रही है। महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जन्मदिवस पर मनाए जाने वाले ‘राष्ट्रीय गणित दिवस’ पर पढ़ें देश में चल रहे मैथ्स सर्किल के बारे में। मैथ्स सर्किल के बच्चों का कम्युनिकेशन और दूसरे विषयों में प्रदर्शन सुधरा बदलावः गणित में रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए फैलोशिप और वर्कशॉप IISER के अलावा IIT पालक्कड़, IIIT दिल्ली जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के देश में एक दर्जन से ज्यादा मैथ्स सर्किल चल रहे हैं। गणित की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आईआईएससी बेंगलुरु, नौवीं से 12वीं तक के बच्चों के लिए हर साल छह हफ्तों का रेसिडेंशियल मैथमेटिक्स समर प्रोग्राम आयोजित करता है। इसी तरह अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए मैथमेटिक्स ट्रेनिंग एंड टैलेंट सर्च प्रोग्राम करता है। केरल स्कूल ऑफ मैथमेटिक्स भी स्कूली छात्रों के लिए गणित में समर वर्कशॉप आयोजित कराता है। अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन ने भी रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए रामानुजन फेलोशिप शुरू की है।


