मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 6 से 9 जनवरी तक आयोजित 14वीं राष्ट्रीय ड्रैगन बोट चैंपियनशिप में पंजाब की टीम ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों पर कब्जा जमाकर खिलाड़ियों ने न केवल वाटर स्पोर्ट्स में अपनी धाक जमाई, बल्कि राज्य का नाम भी रोशन किया। कपूरथला में खिलाडि़यों का स्वागत किया गया। विजेता खिलाड़ियों का भव्य अभिनंदन:
प्रतियोगिता से पदक जीतकर लौटे खिलाड़ियों का पवित्र वेईं के तट पर राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “कड़ाके की ठंड और विपरीत परिस्थितियों में की गई कड़ी मेहनत का मीठा फल आज पदकों के रूप में सामने आया है।” उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से मिला था अवसर: यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रशासनिक कारणों से पहले पंजाब टीम का चयन नहीं हो पाया था। संत सीचेवाल ने इस मामले को तुरंत मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के समक्ष उठाया और पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद ही टीम को प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिला, जिसके लिए संत सीचेवाल ने सरकार का आभार भी व्यक्त किया। सीचेवाल सेंटर का उत्कृष्ट प्रदर्शन टीम कोच अमनदीप सिंह खेहिरा ने बताया कि यदि समय रहते ट्रायल और पूरी तैयारी होती, तो प्रदर्शन और भी बेहतर हो सकता था। उन्होंने जानकारी दी कि ‘संत सीचेवाल वाटर स्पोर्ट्स सेंटर’ के कुल 36 खिलाड़ियों ने इस चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और अकेले इस सेंटर ने कुल 28 पदक जीतकर राज्य के गौरव में वृद्धि की है। कोच ने बताया कि ड्रैगन बोट एक टीम गेम है, जहां जूनियर वर्ग में 10 और सीनियर में 20 खिलाड़ियों का आपसी तालमेल ही जीत का आधार बनता है।


