जलाशय में अटखेलियां करते बार हेडेड गूज रांची| झारखंड के जंगलों व आर्द्रभूमि का वातावरण सालों भर पक्षियों के अनुकूल रहता है। खासकर प्रवासी पक्षी जाड़े में बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। रांची के आसपास धुर्वा डैम, रुक्का डैम, जुमार नदी, होरहाप जंगल, बीआईटी मेसरा, बिरसा कृषि महाविद्यालय, रुक्का बांध-सुवर्णरेखा पुल, गेतलसूद बांध, कांके डैम, पतरातू डैम, जैविक उद्यान ओरमांझी, डोरंडा, आर्मी गोल्फ कोर्स, गेतलसूद बांध, मैकलुस्कीगंज आदि में प्रवासी पक्षी आते हैं। ये स्थान इनको बहुत प्यारे हैं। सामान्यत: अक्टूबर से फरवरी के बीच ये प्रवासी पक्षी, मुख्य रूप से रूस, साइबेरिया, चीन और मंगोलिया से हजारों किमी उड़ कर आते हैं। इस बार प्रवासी पक्षियों की संख्या में 40 प्रतिशत तक गिरावट आई है। इसका कारण जलाशयों में गंदगी, बोटिंग व लोगों के दखल के साथ ग्लोबल वार्मिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। फोटो : सुनील कुमार


