राष्ट्रीय लोक अदालत 13 को, 1.50 लाख मामलों के निपटारे का लक्ष्य

विशेष संवाददाता | रांची झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के दिशा निर्देश पर रांची सहित पूरे राज्य 13 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत में करीब 1.50 लाख पेंडिंग मामलों के निपटारे का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2025 में यह चौथी और अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत होगी। इस लोक अदालत को सफल बनाने में झालसा से लेकर डालसा के पदाधिकारी लगे हुए हैं। हाईकोर्ट के जस्टिस सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद स्वयं तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं। जस्टिस एसएन प्रसाद ने बुधवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग से सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकारों के अध्यक्षों और सचिवों के साथ बैठक कर अधिकतम मामलों के निपटारे को लेकर दिशानिर्देश दिए। उनके निर्देश पर राज्यभर में लगभग 300 बेंचों का गठन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के पूर्व-विवाद एवं लंबित मामलों के निपटारे पर जोर दें। झालसा के निर्देश पर लोक अदालत में आपराधिक सुलह से संबंधित मामले, चेक बाउंस, बिजली चोरी, उत्पाद एवं वन मामलों, मापतौल विवादों, वैवाहिक विवादों और विभिन्न दीवानी मामलों की सुनवाई होगी । जस्टिस प्रसाद ने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को तेज, सस्ता और सौहार्दपूर्ण ढंग से न्याय दिलाना है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। झालसा ने पक्षकारों को नोटिस भेजने में पारा लीगल वॉलेंटियर की मदद लेने और ई-लोक अदालत की बैठक में मध्यस्थों की भूमिका सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिलों के प्रधान जिला जजों को भी लंबित मामलों के निस्तारण को प्राथमिकता देने का निर्देश जारी किया गया है। अदालत में वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा वाद, चेक बाउंस के वाद, वाणिज्यिक विवाद, घरेलू हिंसा वाद, सेवा मामलों के वाद, आपराधिक समझौता योग्य वाद, उपभोक्ता विवादवाद, ऋण वसूली के वाद, विभाजन के वाद, बेदखली / निष्कासन वाद, भूमि अधिग्रहण वाद एवं अन्य उपर्युक्त सिविल वाद का सुलह समझौता के आधार पर निष्पादन किया जाएगा।

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