सीहोर में 26 जनवरी को जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह पुलिस परेड ग्राउंड पर आयोजित किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां जायजा लिया है। वहीं सीहोर जिले की आष्टा तहसील के ग्राम ग्वाली निवासी रचना दीदी इस बार राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होने दिल्ली जाएंगी। उनकी कहानी आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले रचना दीदी एक साधारण गृहिणी थीं। वे घर संभालती थीं, जबकि उनके पति बाबुलाल सिलाई का काम कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। सीमित आय और खेती से कम आमदनी के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में दोनों को महसूस हुआ कि बेहतर भविष्य के लिए कुछ नया करना जरूरी है। लोन लेकर शुरू की दुकान
रचना दीदी के जीवन में बड़ा बदलाव 1 दिसंबर 2019 को आया, जब उन्होंने ग्राम आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ने का फैसला किया। समूह से जुड़कर उन्होंने नियमित बचत की आदत डाली और आर्थिक अनुशासन सीखा। शुरुआत में उन्हें 1,000 रुपये की चक्रीय राशि के रूप में ऋण मिला, जिससे घरेलू जरूरतें पूरी की गईं। इसके बाद CIF और बैंक ऋण के माध्यम से चार बार में कुल 1,42,200 रुपये का ऋण लेकर उन्होंने गांव में जनरल स्टोर की शुरुआत की। जनरल स्टोर खुलने के बाद उनकी आय में लगातार वृद्धि हुई। इसके साथ ही वे लखपति दीदी योजना के तहत सीआरपी के रूप में भी कार्य करने लगीं। वर्तमान में जनरल स्टोर, खेती और सीआरपी कार्य से उनकी वार्षिक शुद्ध आय 1,27,300 रुपये है, जो डिजिटल आजीविका रजिस्टर में दर्ज है। पहले जहां परिवार की मासिक आय करीब 9,500 रुपये थी, वह अब बढ़कर लगभग 22,000 रुपये प्रतिमाह हो गई है। आज रचना दीदी एक सफल महिला उद्यमी और सामुदायिक नेतृत्वकर्ता के रूप में पहचान बना चुकी हैं। उनकी इस उपलब्धि के लिए शासन द्वारा उन्हें 26 जनवरी को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।


