रास्ता बंद करने से लग रहा जाम:चौराहों से बस स्टॉप न हटाकर रास्ते बंद कर रही ट्रैफिक पुलिस, टूटे आईआरसी के नियम

श्रीगंगानगर चौराहा, भुट्टों का चौराहा या दीनदयाल सर्किल पर चौराहे को तिराहे में बदल लिया। जो इंडियन रोड कांग्रेस के नियमों के खिलाफ है। खिलाफ इसलिए है क्योंकि इन सभी जगह बसों का स्टॉपेज चौराहों के पास ही है जो नियमविरुद्ध है। पुलिस बसों को तो हटा नहीं पा रही मगर जनता की तकलीफ समझे बिना चौराहों को तिराहे बनाने में जुटी है। उससे भी बड़ी बात कि जब भी पुलिस कोई रास्ता बंद करती है तो उसकी सूचना देती है मगर पुलिस महकमें की ओर एक बार भी इसकी सूचना जारी नहीं की गई कि ये रास्ता बंद रहेगा। दरअसल बीते 3 महीने से श्रीगंगानगर चौराहे को पुलिस ने की​र्ति स्तंभ चौराहे की ओर आने वाले रास्ते को बंद कर दिया। जिसे भी इधर से सीधे जूनागढ़ की ओर आना है वे इस चौराहे से होकर नहीं आ सकते। ये वो चौराहा है जो शहर के सबसे बड़े चौराहों में शुमार है। उसके लिए लोगों को दीनदयाल सर्किल होते हुए म्यूजियम सर्किल या दुर्गादास स​र्किल से मुड़ना होगा क्योंकि दीन दयाल सर्किल पर फर्म ने दो महीने से रास्ता बंद कर रखा है। सवाल ये है कि पुलिस को इसकी जरूरत क्यों पड़ी। वो इसलिए क्योंकि चौराहों पर बसों का ठहराव होता है। प्राइवेट हो या रोडवेज। बसें रोड पर खड़ी होती हैं। उसके बाद टैक्सी। आम आदमी को चलने के लिए जगह 20 फीट ही मिलती है। पुलिस इन बसों को हटा नहीं पाती। उन पर जोर नहीं चलता इसलिए जनता पर रौब दिखाती है। इसलिए रास्ता ही बंद कर रही है। श्रीगंगानगर चौराहे की 3000 पीसीयू फिर भी लाइट सिस्टम नहीं
पीडब्ल्यूडी को जिस रोड या चौराहे पर कोई बदलाव करना पड़ता है उसमें पैसेंजर कार यूनिट यानी पीसीयू निर्धारित करता है। श्रीगंगानगर चौराहे पर 3000 पीसीयू हो गया। बावजूद इसके यहां बत्ती सिस्टम शुरू नहीं हुआ। बत्ती सिस्टम लागू होने के लिए पुलिस को पहले यहां से बसों का ठहराव रोकना होगा। अंबेडकर सर्किल शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहों में शामिल है वहां प्राइवेट बसें खड़ी ही रहती हैं। घनी बस्ती के भीतर प्रशासन हैवी वाहनों को जाने की परमीशन ही कैसे दे रहा। सभी प्रावइेट बसों के आफिस एक जगह किए जाने चाहिए मगर प्रशासन की नजर इस ओर है ही नहीं। रास्ते बंद करने से अच्छा है चौराहों पर बसों का ठहराव ही न हो
चंड़ीगढ़ में चौराहों के 70 मीटर दूरी तक बसें खड़ी नहीं हो सकती। क्योंकि बसे खड़ी होंगी ​तो टैक्सियां आएंगी। रोड घिर जाएगा। पुलिस जो रास्ते बंद कर रही उससे अच्छा हो कि बसों का ठहराव ही चौराहे पर न हो। ऐसा हो तो ट्रैफिक डायवर्ट करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। ट्रैफिक डायवर्ट सिर्फ लॉयन आर्डर कंट्रोल करने के लिए इमरजेंसी में किया जाता है। वो स्थायी नहीं हो सकता। जो भी रोड बंद की गई वो इंडियन रोड कांग्रेस के नियमों के खिलाफ है। अगर कोई व्यक्ति कानून का सहारा ले तो पुलिस को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। एक शहर में एक किलोमीटर जाने के लिए 4 किमी का चक्कर लगाकर लोगों को जाना पड़े ये उचित नहीं है। दूसरी बात, चौराहे रोड का जरूरी प्वाइंट होता है। ये किसी को हक नहीं कि चौराहे को तिराहे में बदल दो। अगर कोई समस्या है तो समस्या दूर करो। रास्ता रोकना उचित नहीं है।

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