राहुल गांधी के ‘लंगड़ा’ शब्द पर दिव्यांग स्विमर नाराज:पद्मश्री सतेंद्र लोहिया बोले- हम भी देश के नागरिक, हमारा भी आत्मसम्मान; बयान पर स्पष्टीकरण दें

लोकसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भोपाल में अपने भाषण में लंगड़ा शब्द का इस्तेमाल किया। उनके इस बयान पर अंतरराष्ट्रीय पैरा स्विमर और पद्मश्री से सम्मानित सतेंद्र सिंह लोहिया ने आपत्ति ली है। राहुल गांधी के सार्वजनिक बयान पर नाराजगी जताते हुए लोहिया ने कहा कि ‘लंगड़ा’ शब्द का इस्तेमाल दिव्यांगों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने X पोस्ट पर लिखा- आदरणीय राहुल गांधी जी, आप राष्ट्रीय स्तर के सम्माननीय राजनेता हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से आपका लंबे समय से आदर करता आया हूं। मैं एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का पैरा स्विमर हूं, दिव्यांग हूं, और इस देश का एक जिम्मेदार नागरिक भी हूं। राहुल के बयान को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अशोभनीय बताते हुए कहा कि ये दिव्यांगजन का घोर अपमान है। ‘लंगड़ा’ यह शब्द कानूनी रूप से भी आपत्तिजनक
लोहिया ने लिखा- हाल ही में भोपाल में राहुल गांधी ने ‘लंगड़ा’ शब्द का प्रयोग किया, जो अत्यंत असंवेदनशील है। उन्होंने इसे दिव्यांग जन अधिकार अधिनियम 2016 के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह शब्द कानूनी रूप से भी आपत्तिजनक है और अब सरकारी भाषा में इसका प्रयोग नहीं होता। लोहिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए शब्द दिव्यांग का जिक्र करते हुए कहा, यह शब्द हमारी क्षमताओं को दर्शाता है, न कि हमारी चुनौतियों को। दिव्यांगजन की भावनाओं का ध्यान रखें
लोहिया ने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे इस विषय पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दें और भविष्य में दिव्यांगजन की भावनाओं का ध्यान रखें। उन्होंने यह भी लिखा- हम दिव्यांग लोग भी इस देश के नागरिक हैं, हमारा भी आत्मसम्मान है और हमारा भी प्रतिनिधित्व है। हम केवल सहानुभूति नहीं, समान अधिकार और सम्मान की अपेक्षा रखते हैं। सिंधिया बोले-बयान अशोभनीय, दिव्यांगजन का अपमान है
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी राहुल गांधी के ‘लंगड़े घोड़े’ वाले बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह बयान केवल अशोभनीय ही नहीं, बल्कि दिव्यांगजन का घोर अपमान है। सिंधिया ने कहा- मैं उन सभी लोगों को समझाना चाहता हूं जो इस तरह के अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने ‘विकलांग’ जैसे शब्द को बदलकर ‘दिव्यांगजन’ कहा है, जिसका अर्थ है- वे जिन पर भगवान का विशेष आशीर्वाद है। हमें ऐसे लोगों को प्रणाम करना चाहिए, उनका सम्मान करना चाहिए। जानिए भोपाल में राहुल गांधी ने क्या कहा था… राहुल बोले- रेस वाला घोड़ा बनें, बारात वाला नहीं
ये बात राहुल गांधी ने 3 जून को भोपाल में जिला और ब्लॉक कांग्रेस के नेताओं के सम्मेलन में कही थी। राहुल ने कहा था- अब रेस के घोड़े और बारात के घोड़े अलग करने ही पड़ेंगे। कमलनाथ ने मुझसे कहा कि कांग्रेस कभी-कभी रेस के घोड़े को बारात में भेज देती है और कभी-कभी बारात के घोड़े को रेस की लाइन में खड़ा कर देती है। मगर, एक तीसरी कैटेगरी भी है। वह है- लंगड़ा घोड़ा। हमें ये छांटना है कि लंगड़ा कौन सा है, रेस का कौन सा है और बारात का घोड़ा कौन सा है? बारात वाले को बारात में भेजना है। रेस वाले को रेस में और लंगड़े वाले को रिटायर करना है। उसे ये भी कहना है कि भइया ये लो, थोड़ी सी घास खाओ, पानी पियो, रिलैक्स करो, बाकी लोगों को तंग मत करो, बाकी घोड़ों को डिस्टर्ब मत करो, नहीं तो फिर कार्रवाई करनी पड़ेगी। इस खबर पर आप भी अपनी राय दे सकते हैं-

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