भास्कर न्यूज | बालोद जिले के एकमात्र शुगर मिल करकाभाट में 15वें सीजन में 64 हजार 647 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई से 66 हजार 682.5 क्विंटल शक्कर उत्पादन हुआ। रिकवरी रेट 10.50% रहा। जबकि 14वंे सीजन में 69 हजार 175 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई से 75 हजार 132 क्विंटल शक्कर उत्पादन हुआ था। रिकवरी रेट 11% रहा। पिछले सीजन की तुलना में इस बार 4 हजार 528 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई कम हुई। जिसके चलते 8 हजार 450 क्विंटल शक्कर उत्पादन कम हुआ। पेराई व शक्कर उत्पादन कम होने की मुख्य वजह गन्ने की कमी आई है। जिसे कारखाना प्रबंधन भी स्वीकार कर रही है। जीएम एलके देवांगन का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार पेराई के लिए जिले से कम गन्ना उपलब्ध हो पाया। बेरला व अन्य जिले के किसानों के माध्यम से पहले की तरह इस बार औसत गन्ना उपलब्ध हो पाया। जिसके चलते रिकवरी रेट से लेकर पेराई, उत्पादन पर असर पड़ा। हालांकि रिकवरी रेट लगातार पांचवी बार 10 प्रतिशत से ज्यादा रहा। गन्ने की कमी से उम्मीद अनुरूप शक्कर उत्पादन नहीं हो पाया। जिले से ज्यादा मात्रा में गन्ना उपलब्ध होता तो स्थिति और बेहतर होती। वर्ष 2019-20 में रिकवरी रेट 9.49% था। वहीं कोरोनाकाल यानी 2020-21 में रिकवरी रेट 10.40% रहा। यह सिलसिला अब तक जारी है। सत्र 2021-22 में 10.60% और 2022-23 में रिकवरी रेट 10.84% रहा। सत्र 2009-10 से 2018 तक रिकवरी रेट 10% से कम था। पिछले सीजन 1174 तो इस बार 1003 ने ही बेचा गन्ना पिछले सीजन पेराई सीजन के दौरान 1174 किसानों से 69 हजार 175.354 मीट्रिक टन गन्ने की खरीदी हुई थी। कुल 20.20 करोड़ भुगतान हुआ था। जबकि इस सीजन 1003 किसानों से 64 हजार 647.950 मीट्रिक टन गन्ने की खरीदी हुई। किसानों को 20.37 करोड़ में से 15.42 करोड़ भुगतान हो चुका है। 4.94 करोड़ भुगतान बाकी है। पिछले सीजन की तुलना में इस बार गन्ना बेचने वाले किसानों की संख्या 171 कम रही। इस सीजन 2879 टन मोलासिस उत्पादन हुआ। जबकि पिछले सीजन 2913 टन मोलासिस उत्पादन हुआ था। पिछले सीजन से इस बार 34 टन कम मोलासिस उत्पादन हुआ। इस बार एक क्विंटल गन्ने की पेराई से 10.50 किलो शक्कर उत्पादन हुआ इस बार एक क्विंटल गन्ने से 10.50 किलो शक्कर उत्पादन हुआ। जबकि पिछले सीजन एक क्विंटल गन्ने की पेराई से 11 किलो शक्कर उत्पादन हुआ था। प्रबंधन के अनुसार लगातार इस सीजन के पहले लगातार 4 सीजन से रिकवरी रेट 10 प्रतिशत से ज्यादा रहा। इस बार भी 10 प्रतिशत से ज्यादा होने से स्थिति बेहतर ही है। जिले में गन्ने की कमी के बावजूद रिकवरी रेट व शक्कर उत्पादन बेहतर रहा। दो साल पहले 59 हजार 19 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई से 63 हजार 345 क्विंटल शक्कर उत्पादन हुआ था। तब रिकवरी रेट 10.84% रहा।


