रिम्स की व्यवस्था पर आए दिन सवाल उठते रहते हैं। बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं होता और अस्पताल की दहलीज पर मरीज दम तोड़ देते हैं। बुधवार देर रात रिम्स के कार्डियोलॉजी इमरजेंसी की व्यवस्था की पोल खोलती एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुई। जहां रात में गंभीर मरीज को इलाज नहीं मिला और दोपहर में मरीज ने दम तोड़ दिया। दरअसल, बुधवार देर रात करीब 10:05 बजे हजारीबाग से एक पत्रकार अपनी मां को हार्ट अटैक के बाद रिम्स के कार्डियोलॉजी विभाग लेकर पहुंचे थे। वहां पहुंचने के बाद वहां न कोई डॉक्टर और ही नर्स उपलब्ध था। इसके बाद काफी शोर मचाने के बाद 10:20 बजे एक जूनियर डॉक्टर ने मरीज को देखा। उन्होंने मरीज की पर्ची में भर्ती करने की बात लिखी, लेकिन घंटों तक बेड नही मिल सका। जब 73 वर्षीय मरीज मंजूला मिश्रा के बेटे ने रिम्स की व्यवस्था का वीडियो बनाना शुरू किया, तब एक नर्स बंद कमरे से बाहर आई और उसने मोबाइल छीनने का प्रयास किया। पत्रकार प्रसन्न मिश्रा ने वीडियो को ट्वीट करते हुए सीएम और स्वास्थ्य मंत्री से व्यवस्था में सुधार की गुहार लगाई। रिम्स में बेड नहीं मिलने से देर रात दूसरे अस्पताल ले गए, दोपहर में हो गई मौत मृतक के बेटे प्रसन्न मिश्रा ने रिम्स की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि रात में मां को रिम्स में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया जाता, तो उनकी जान बच जाती। देर रात बेड नही मिला, जिस वजह से उन्हें घंटों एंबुलेंस में ही रहना पड़ा। इससे स्थिति और बिगड़ गई। जब देर रात निजी अस्पताल ले गए, तो स्थिति काफी बिगड़ी हुई थी। इसके बाद दोपहर में उनकी मौत हो गई। प्रसन्न मिश्रा ने अपने ट्वीट में लिखा कि… महोदय, आपको शायद खबर न हो लेकिन सच यही है कि मेडिकल कॉलेजों और सरकारी हॉस्पिटल्स लापरवाह सिस्टम की वजह से कत्लगाह में तब्दील हो रहे हैं। अबतक ऐसा कोई मामला प्रबंधन के संज्ञान में नहीं आया है। लेकिन यदि ऐसी कोई बात है, तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही साबित होगी, तो कार्रवाई होगी। -डॉ. शैलेश त्रिपाठी, अपर चिकित्सा अधीक्षक, रिम्स।


