रिम्स के नेफ्रोलॉजी विभाग में बुधवार को किडनी मरीजों को योग और योग निद्रा का अभ्यास कराया गया। रिसर्च स्कॉलर अनिता कुमारी ने नेफ्रोलॉजी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रज्ञा पंत के निर्देशन में डायलिसिस मरीजों को योग निंद्रा का अभ्यास कराया। डायलिसिस मरीजों ने करीब 35 मिनट तक योगाभ्यास किया। इसके बाद मरीजों ने बताया कि इस क्रिया से उनके अंदर का मानसिक तनाव कुछ समय के लिए शरीर से खत्म हो गया। उन्होंने कहा कि इस क्रिया को करते समय ऐसा अनुभव हो रहा था कि वह अपने पूर्व की स्थिति (जब स्वस्थ थे) में आ गए हैं और शरीर में बीमारी है ही नहीं। अनिता कुमारी ने बताया कि “योग निंद्रा’ मेडिटेशन (ध्यान) की एक क्रिया है, जिसके नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है। बीमारी की वजह से डिप्रेशन व एंग्जाइटी की समस्या धीरे-धीरे कम होने लगती है। नकारात्मक सोच कुछ दिनों बाद सकारात्मकता में तब्दील होने लगती है। किडनी की गंभीर समस्या वाले मरीजों में बीमारी से लड़ने के लिए नयी उर्जा मिलती है, जो बीमारी की रिकवरी में सहायक साबित होता है।


