रिम्स कैंपस से स्कूटी चोरी हुई, वार्ड से मरीज भाग गया प्रबंधन ने फुटेज मांगा, तो बोली एजेंसी- पहले हो पेमेंट

असर क्या : इन घटनाओं से समझिए सीसीटीवी फुटेज कितना जरूरी… मरीज भाग जाए या गाड़ियों की हो जाए चोरी… सीसीटीवी फुटेज के लिए करनी पड़ेगी मशक्कत रिम्स में सुरक्षा को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। कभी मरीज के परिजनों के साथ डॉक्टरों की मारपीट, तो कभी डॉक्टरों के साथ सुरक्षाकर्मियों व होम गार्ड जवानों के बीच मारपीट। ऐसे में रिम्स परिसर में सीसीटीवी का कितना महत्व है, सोचने वाली बात है। रिम्स परिसर से आए दिन गाड़ियों की चोरी हो जाती है, कभी वार्ड से मरीज भाग निकलता है। कई बार कर्मियों की लापरवाही सामने आती है। तब सीसीटीवी फुटेज काम आती है। लेकिन प्रबंधन की ये तीसरी आंख अब काम नही आ रही। क्योंकि प्रबंधन ने सीसीटीवी के सर्विस का काम एक निजी एजेंसी को दे रखा है। लेकिन उस निजी एजेंसी पर प्रबंधन का 4 साल से बकाया है। करीब 20 लाख रुपए बकाया है। लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण अब प्रबंधन को रिम्स कैंपस की सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल पा रही है। प्रबंधन द्वारा एजेंसी से टेक्नि​कल सपोर्ट मांगने पर एजेंसी ने अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। एजेंसी का कहना है कि प्रबंधन को बार-बार भुगतान के लिए कह कर थक चुके हैं। इसके बाद ही हमने यह फैसला लिया है। रिम्स कैंपस में लगे हुए हैं 250 से ज्यादा एचडी सीसीटीवी कैमरे वर्तमान में रिम्स कैंपस में 250 से ज्यादा एचडी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ये कैमरे हॉस्पिटल के विभिन्न विभाग व वार्डों, कॉरिडोर, परिसर, ओपीडी एरिया के साथ-साथ सभी हॉस्टलों में लगे हैं। प्रबंधन ने बीते साल 1100 और कैमरे लगाने की योजना बनाई है। हालांकि, अभी यह प्रक्रिया में है। एजेंसी बोली… कई बार रिमाइंडर भेजा, पर बकाया भुगतान नहीं हुआ – मोनिका गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर, जेना टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड प्रबंधन बोला… कमेटी बनी है, भुगतान जल्द कराया जाएगा – डॉ राजीव रंजन, पीआरओ, रिम्स। क्या हो रही परेशानी? तीन दिन पहले परिसर से एक स्कूटी की चोरी हो गई। वाहन मालिक ने प्रबंधन से फुटेज उपलब्ध कराने को कहा। इसके बाद प्रबंधन ने एजेंसी से सीसीटीवी फुटेज मांगी, पर अबतक फुटेज नहीं दी गई है। दो दिन पहले एक मरीज वार्ड से भाग गया। उसके परिजन मरीज को ढूंढ-ढूंढ कर परेशान हैं। प्रबंधन ने फुटेज की मांग की, पर नहीं मिली। 1. अक्टूबर 2024 को रिम्स के एआरटी सेंटर से एक महिला ने नवजात को चुरा लिया था। बच्चे के पिता पर्ची कटाने गए थे, तब मां को अकेला देखकर एक महिला उसके पास आकर बैठ गई और मौका देखकर नवजात को लेकर फरार हो गई थी। घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया और फुटेज के आधार पर महिला की पहचान हुई। तीन दिन के भीतर पुलिस ने महिला को ढूंढ कर जेल भेजा। 2. अप्रैल 2024 को सर्जरी वार्ड में भर्ती कैदी श्याम किशोर चौधरी फरार हो गया। उसे पलामू से इलाज के लिए रिम्स लाया गया था। रिम्स में उसके पेट का ऑपरेशन हुआ था। कैदी पलामू पुलिस की निगरानी में इलाजरत था, लेकिन इसी बीच 18 अप्रैल को कैदी ने हथकड़ी से अपना हाथ निकाल लिया और फरार हो गया। फुटेज से पता चला कि वह किस रास्ते से भागा। कुछ समय बाद वह पकड़ा गया। 3. पिछले साल रिम्स गेट के पास से एक व्यक्ति का मोबाइल फोन चोरी हो गया। चोरी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मांग की, तो रिम्स में सीसीटीवी का प्रबंधन देखनेवाली एजेंसी ने इसे देने से साफ इंकार कर दिया। कंपनी ने इसका निर्णय रिम्स प्रबंधन पर डाल दिया। कई प्रयासों के बावजूद व्यक्ति को सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला और मोबाइल की बरामदगी नहीं हो सकी।

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