ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस के देश में अबतक 8 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अबतक झारखंड में इसके एक भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि झारखंड में अभी इस वायरस को लेकर सैंपलिंग या टेस्टिंग शुरू नहीं हुई है। जांच शुरू होने के बाद ही हकीकत का पता चल सकेगा कि झारखंड में इसके मामले हैं भी या नहीं। रिम्स माइक्रोबायोलॉजी विभाग के हेड डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि रिम्स में जांच की मशीन है, लेकिन किट नहीं है। किट के लिए दो दिन पहले ही ऑर्डर कर दिया गया है। गुरुवार तक किट रिम्स पहुंच जाने की संभावना है। डॉ. मनोज ने कहा कि जैसे ही किट रिम्स पहुंच जाएगा। उसके बाद जैसे ही संबंधित चिकित्सक किसी रोगी को संदिग्ध मानते हुए जांच लिखेंगे तो माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा सैंपल लेकर जांच की जाएगी। एचएमपीवी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी व अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने झारखंड के सभी सिविल सर्जन को निगरानी के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार के अनुसार, राज्य में अभी एक भी एचएमपीवी के संदिग्ध नहीं हैं। सिविल सर्जन आज करेंगे स्वास्थ्य कर्मियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिविल सर्जन ने बताया कि गुरुवार को जिले के सभी स्वास्थ्यकर्मी, एमओआईसी, डीपीएम समेत स्थापना के कर्मियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रखी गई है। इस बैठक में ही चर्चा होगी कि जिले में कहां-कहां जांच केंद्र बनाने, कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग आदि के लिए चिकित्सा दलों को पदस्थापित करने की जरूरत है। कैसे संदिग्ध दिखे तो उनकी सैंपलिंग की जाए। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को बताया जाएगा कि किस-किस तरह के लक्षण वाले रोगियों को एचएमपीवी के संदिग्ध की श्रेणी में रखना है और किसे नहीं।


